
Anita Murder: ब्यूटीशियन अनिता चौधरी हत्याकाण्ड में 20 दिन से चल रहा गतिरोध आखिरकार मंगलवार को समाप्त हो गया। विभिन्न मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्ति की घोषणा की गई। वहीं दूसरी तरफ फरार होने के बाद गुलामुद्दीन के पास रुपए खत्म हो गए थे। उसके पास मुम्बई में बस किराए के रुपए भी नहीं थे। वह मुम्बई से बाहर निकलने के लिए ट्रैवल्स कम्पनी के टिकट काउंटर पर पहुंचा।
गुलामुद्दीन ने अपनी अंगुली में पहनी सोने की अंगूठी दिखाई। तब काउंटर संचालक ने उसे पास ही ज्वैलर की दुकान पर भेज दिया था, जहां उसने अंगूठी गिरवी रखकर रुपए लिए। इससे मुम्बई में बस का टिकट खरीदा था। जांच अधिकारी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुनील के पंवार रिमाण्ड पर चल रहे आरोपी गुलामुद्दीन को लेकर मुम्बई पहुंचे, जहां अंगूठी गिरवी रखने वाले सुनार व टिकट काउंटर संचालक को हिरासत में लिया। उन्हें लेकर पुलिस जोधपुर पहुंची। पुलिस गुलामुद्दीन का मुम्बई में छूटा बैग भी लाई है, हालांकि बैग में कोई महत्वपूर्ण सामग्री नहीं मिली।
पुलिस ने एफआइआर में नामजद व्यवसायी और सहेली सुनीता का पॉलीग्राफ टेस्ट कराना चाहती है। इसके लिए पुलिस ने अदालत में आवेदन किया। इस पर बुधवार को सुनवाई होगी।
27 अक्टूबर : सरदारपुरा बी रोड से अनिता ऑटो में निकली और गंगाणा पहुंची।
28 अक्टूबर अलसुबह : गुलामुद्दीन ने हत्या कर शव के छह टुकड़े कर गाड़ दिया।
29 अक्टूबर : पुलिस घर पहुंचते ही गुलामुद्दीन फरार।
30 अक्टूबर : गड्डा खुदवाकर अनिता के शव के टुकड़े निकलवाए।
31 अक्टूबर : व्यवसायी, गुलामुद्दीन व उसकी पत्नी पर हत्या की एफआइआर दर्ज।
2 नवम्बर : गुलामुद्दीन की पत्नी आबेदा परवीन गिरफ्तार।
7 नवम्बर : मुम्बई से गुलामुद्दीन पकड़ा, दूसरे दिन जोधपुर लाकर गिरफ्तार किया।
13 नवम्बर : 15वें दिन शव का पोस्टमार्टम कराया।
18 नवम्बर : नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल धरने में शामिल हुए।
19 नवम्बर : रात तीन बजे विधायक भैराराम सियोल व पुलिस कमिश्नर राजेन्द्रङ्क्षसह धरनास्थल पहुंचे और मांगों पर सहमति बनने घोषणा की।
19 नवम्बर : मृतका के शव का अंतिम संस्कार।