
Rajasthan : केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने जोधपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण, पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों, संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष के हमले पर मीडिया के पूछे सवाल के जवाब दिए। साथ ही पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मृत्यु के बारे में शोक व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना से संबंधित मारपीट और हत्या के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण एवं जांच का विषय बताते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अराजकता और हिंसा होना गंभीर विषय है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को जोधपुर हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत में इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है और जांच का विषय है। अतर सिंह भड़ाना पुराने विधायक और वरिष्ठ नेता रहे हैं। उनके साथ उनके व्यक्तिगत संबंध भी रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह नगर निकायों में भाजपा को सफलता मिली है, उसी तरह पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भी पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने संविधान की आत्मा संवैधानिक संस्थाओं के स्थायित्व, उनकी निष्पक्षता और उनके निर्विवाद बने रहने में निहित होना बताते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विशेषकर वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद विपक्षी दलों ने जिस तरह संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने और उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया है, वह देश के लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि न्यायपालिका हो, निर्वाचन आयोग हो या सरकार के कामकाज से जुड़ी संस्थाएं, इन सभी पर लगातार सवाल उठाने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है। देश में अनेक दशकों तक शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि विपक्षी दलों का रवैया चयनात्मक है। पंजाब, तमिलनाडु जैसे राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया और चुनावी परिणामों को लेकर विपक्ष उसी तरह सवाल नहीं उठाता, जिस तरह पश्चिम बंगाल में चुनावी परिणामों के बाद उठाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस को चुनाव में सफलता मिलती है, वहां वह चुनावी प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाती लेकिन जहां उसे हार का सामना करना पड़ता है, वहां निर्वाचन प्रक्रिया पर संदेह जताने लगती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी परिणामों को राजनीतिक सुविधा के अनुसार स्वीकार करना या उन पर सवाल उठाना उचित नहीं है।