
Rajasthan : सीएम भजनलाल व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल। फाइल फोटो पत्रिका
Atar Singh Bhadana Case Update : जयपुर। भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत के मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डीजीपी को निष्पक्ष और पुख्ता जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को डीजीपी से बात कर मामले की जानकारी ली और घटनास्थल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम से भी इस मामले में बातचीत की और उन्हें पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने के लिए कहा।
उधर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बयाना के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता अंतर सिंह भड़ाना की हत्या को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भरतपुर रेंज आइजी और पुलिस अधीक्षक को तत्काल हटाने की मांग की। बेनीवाल ने कहा कि स्थानीय लोगों के आरोपों के अनुसार गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म के कथित उकसावे के बाद भड़ाना के साथ मारपीट हुई। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
उधर एसएमएस अस्पताल जयपुर की मोर्चरी में सोमवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है। इसके बाद परिजन शव को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित पाली गांव ले गए। परिजनों ने पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।
पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना ने कुछ हमलावरों को नामजद करते हुए करीब 80 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कमलेश भड़ाना ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि जब अपने पति को बचाने की कोशिश की तो हमलावरों ने उन्हें धक्का मारा और मारपीट करना शुरू कर दिया। हमले में कमलेश के शरीर पर भी चोट आई है। इससे पहले भी यह लोग 25 सितंबर 2026 को क्रेशर में घुस गए थे और कर्मचारियों से मारपीट कर क्रेशर में तोड़फोड़ कर फरार हो गए थे। 27 सितंबर को इसकी शिकायत वैर थाने पर दर्ज करवाई गई थी।
अतर सिंह भड़ाना के परिवार में एक पुत्र और चार बेटियां हैं। उन्होंने अपने सभी बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाई है। भड़ाना की सबसे छोटी पुत्री किरण भड़ाना भारतीय प्रशासनिक सेवा की 2017 बैच की अधिकारी है। वहीं इकलौते बेटे अर्जुन सिंह भड़ाना देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में वकील के रूप में कार्यरत हैं। उनके निधन की खबर से न केवल राजनीतिक गलियारों और भरतपुर संभाग में शोक की लहर दौड़ गई है, बल्कि प्रशासनिक और कानूनी हलकों में भी उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
Updated on:
12 Oct 2026 10:16 pm
Published on:
12 Oct 2026 10:15 pm
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