
Bharatpur : भरतपुर. गांव भौंडा में गांव में पसरा सन्नाटा। फोटो पत्रिका
Bharatpur : भरतपुर जिले के वैर थाने के गांव भौंडा में पूर्व विधायक अतर सिंह की हत्या के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में महिलाओं व बच्चों के अलावा एक भी पुरुष नहीं है। ज्यादातर परिवार गांव छोड़कर रिश्तेदार व अन्य गांवों में जा चुके हैं। गांव में हर रास्ते पर पुलिस बल तैनात किया गया है। घटना के बाद दो वर्ष से जो धरना लीज बंद कराने की मांग को लेकर चल रहा था, वो भी समाप्त हो चुका है। पुलिस ने गांव में कुछ संदिग्धों को पकड़ने के लिए दबिश भी दी, लेकिन दबिश में मालूम पड़ा कि ज्यादातर ग्रामीण गांव छोड़कर जा चुके हैं। गांव में ज्यादातर मकान खाली पड़े हुए हैं। कुछ घरों में सिर्फ महिलाएं व बच्चे नजर आए। आइजी प्रीति चंद्रा व एसपी देवेंद्र कुमार मीना ने गांव व लीज स्थल का दौरा किया।
बताते हैं कि भौंडा गांव में 124 हेक्टेयर की सिलिका (कांच बनाने वाला बेशकीमती पत्थर) लीज वर्ष 1997 से मैसर्स सुभाष चंद, मुकेश चंद के नाम स्वीकृत थी, जिसे बाद में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना अपनी पत्नी कमलेश भड़ाना के नाम से संचालित कर रहे थे। पूर्व विधायक भड़ाना के लीज संचालन शुरू करते ही गांव भौंड़ा के ग्रामीण विरोध कर रहे थे। यह मामला हाइकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। जहां रास्ते का विवाद विचाराधीन था।
इसमें ग्रामीणों का तर्क था कि क्रेशर व खनन लीज तक पहुंचने के लिए कोई स्वतंत्र रास्ता नहीं था। इसके कारण खदान के सभी भारी वाहन चारागाह भूमि से होकर गुजरते थे। इससे ब्लास्टिंग के कारण पत्थर उछलकर आने और पशु चराने वालों को चोटें लगने की शिकायतें थीं। इसके चलते ग्रामीण व पशुपालक पिछले 2 साल से इसका लगातार विरोध कर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।
रात को लीज स्थल पर हमलावरों ने इस कदर तोड़फोड़ की है कि कार, जेसीबी, ऑफिस के कमरों में हर सामान तोड़ा गया है। पूरे ऑफिस में कांच बिखरे हुए हैं। पुलिस ने लीज स्थल के कैमरों की भी जांच कर रही है, हालांकि कुछ कैमरों को हमलावरों ने तोड़ दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार, वारदात सोमवार शाम करीब पौने सात बजे हुई, जबकि घायलों को रात 8:20 बजे अस्पताल पहुंचाया गया। रात 9:04 बजे उन्हें जयपुर रेफर किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले चार दिन तक गांव और लीज क्षेत्र में विवाद होता रहा, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठ रहे हैं कि लगातार तनाव के बावजूद स्थिति को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया।
अतर सिंह भड़ाना के परिवार में एक पुत्र और चार बेटियां हैं। उन्होंने अपने सभी बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाई है। भड़ाना की सबसे छोटी पुत्री किरण भड़ाना भारतीय प्रशासनिक सेवा की 2017 बैच की अधिकारी है। वहीं इकलौते बेटे अर्जुन सिंह भड़ाना देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में वकील के रूप में कार्यरत हैं। उनके निधन की खबर से न केवल राजनीतिक गलियारों और भरतपुर संभाग में शोक की लहर दौड़ गई है, बल्कि प्रशासनिक और कानूनी हलकों में भी उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
Updated on:
12 Oct 2026 08:15 pm
Published on:
12 Oct 2026 08:11 pm
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