जोधपुर

फोटो खींच रहे युवक ने गुस्सैल मधुमक्खियों के हमले में जान गंवाई

पीलवा कस्बे में रविवार को फोटो लेने के लिए उच्च जलाशय पर फोटो खींचने चढ़े युवक पर गुस्सैल मधुमक्खियों (एपिस डोर्सेटा) ने हमला कर दिया। इस दौरान उच्च जलाशय पर संतुलन बिगडऩे से गिरने से उसकी मौत हो गई।
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Apr 22, 2019
Attack of angry bees, death of the young man
फोटो खींच रहे युवक ने गुस्सैल मधुमक्खियों के हमले में जान गंवाई

पीलवा (जोधपुर). कस्बे में रविवार को फोटो लेने के लिए उच्च जलाशय पर फोटो खींचने चढ़े युवक पर गुस्सैल मधुमक्खियों (एपिस डोर्सेटा) ने हमला कर दिया। इस दौरान उच्च जलाशय पर संतुलन बिगडऩे से गिरने से उसकी मौत हो गई।


जानकारी के अनुसार रविवार को पीलवा में शादी समारोह में शरीक होने के लिए रिश्तेदार के यहां मण्डला निवासी नैनाराम (20) पुत्र दुर्गाराम भील आया। वह अन्य रिश्तेदारों के साथ दूल्हा-दुल्हन को देवता के धोक लगाने के लिए गोपाल चौक गया। इस बीच वह फोटो खींचने के लिए उच्च जलाशय पर चढ़ गया। इस बीच इस जलाशय पर मधुमक्खियों (एपिस डोर्सेटा) ने उस पर हमला बोल दिया। इससे वह उच्च जलाशय से गिर गया। इससे उसकी मौत हो गई।

मची अफरा तफरी
उच्च जलाशय पर चढ़े युवक पर मधुमक्खियों के हमले के समाचार मिलते ही एक बार तो कस्बे में अफरा तफरी मच गई। युवक को बचाने के लिए दूसरे लोग दौड़े तो मधुक्मिखियों ने उन पर भी हमला कर दिया। तब कुछ युवकों ने मुंह व हाथ
को कपड़े में लपेटकर उसको संभाला तथा पीएचसी लेकर गए।

एपिस डोर्सेटा मधुमक्खी से भय
ग्रामीणों का कहना है कि कस्बे में पानी की टंकियों व मोबाइल टावरों पर बड़ी संख्या में एपिस डोर्सेटा मधुमक्खियों के छत्ते हैं। कई बार ये मधुमक्खियां घरों में घुस आती हैं तो कभी राह चलते लोगों पर भी हमला बोल देती है। इन छत्तों को हटाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार जलापूर्ति कर रही कम्पनी के कार्मिकों को अवगत कराया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

महंगा पड़ता है मोबाइल का लाइव या सेल्फी लेना

अक्सर कई हादसे तो ज्यादा मोबाइल से लाइव व सेल्फी फोटो के क्रेज से होते है। युवा पीढ़ी मोबाइल का ज्यादा उपयोग सोशल मीडिया के चक्कर में करते है। ऐसा ही मामला पिछले वर्ष 29 जून 2018 को लोहावट में तेज गति से चल रही एसयूवी में बैठे युवक लाइव कर रहे तभी एसयूवी पेड़ से टकरा गई थी। इसमें एक युवक बालोतरा निवासी की मौके पर ही मौत हो गई थी तथा तीन अन्य गंभीर घायल हुए थे।

पत्रिका ने जताई थी आशंका
राजस्थान पत्रिका ने 18 अप्रेल के अंक में ‘गुस्सैल मधुमक्खी डोर्सेटा ने आबादी में डाला डेरा’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इन बड़े आकार वाली मधुमक्खियों के हमले की आशंका जताई थी। गौरतलब है कि क्षेत्र में अधिकांश जगहों पर डोर्सेटा के ही छत्ते बने हुए है। जो किसी खतरे से कम नहीं है।

Updated on:
22 Apr 2019 11:50 am
Published on:
22 Apr 2019 11:50 am