दस साल बाद जेल से बाहर आए चार आरोपी
जोधपुर. बहुचर्चित भंवरीदेवी अपहरण एवं हत्या मामले में बुधवार को सहआरोपी पूर्व विधायक मलखानसिंह विश्नोई की नियमित जमानत याचिका खारिज हो गई। अनुसूचित जाति जनजाति निवारण के लिए बनी विशेष एससी एसटी कोर्ट की पीठासीन अधिकारी सुषमा पारीक ने भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 439 के तहत लगाई गई जमानत याचिका संख्या 251/ 2021 खारिज कर दी। आरोपी के अधिवक्ता ने मामले के अन्य आरोपियों की जमानत का हवाला देते हुए जमानत का निवेदन किया। विशिष्ट लोक अभियोजक अशोक जोशी ने जमानत का विरोध किया।दोनों पक्षों को सुनकर कोर्ट ने विश्नोई की जमानत खारिज कर दी। गौरतलब है कि भंवरी हत्याकांड के छह अन्य आरोपी ओमप्रकाश, दिनेश,अशोक, सहीराम,उमेशाराम तथा पुखराज को राजस्थान हाईकोर्ट से मंगलवार को ही जमानत मिली थी।
दस साल बाद जेल से बाहर आए चार आरोपी
जोधपुर. राज्य के बहुचर्चित भंवरीदेवी प्रकरण में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद चार आरोपी दस साल बाद बुधवार शाम जेल से बाहर आ गए।
हाईकोर्ट ने मंगलवार को भंवरीदेवी प्रकरण में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे पुखराज, दिनेश, ओमप्रकाश, अशोक, उमेशाराम व सहीराम बिश्नोई जमानत पर छोडऩे के आदेश जारी किए थे। जमानत मुचलके भरने के बाद जेल प्रशासन ने सहीराम बिश्नोई, पुखराज, दिनेश व उमेशाराम को छोड़ दिया। चारों के देर शाम जेल से बाहर आने पर घरवालों ने मालाएं पहनाकर खुशी का इजहार किया। अन्य मामले में जमानत न होने से ओमप्रकाश व अशोक को फिलहाल छोड़ा नहीं गया।