काला हिरण शिकार केस— सलमान खान दोषी करार, बाकी सभी फिल्मी सितारे बरी
आपको बता दें सलमान के अलावा बाकी सभी फिल्मी सितारों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देवकुमार खत्री लगभग 11.15 पर कोर्ट पहुंचे। उनसे पहले सभी सितारे कोर्ट रूम में पहुंच चुके थे। सबसे पहले सलमान पहुंचे। उनके बाद नीलम, सैफ, सोनाली और तब्बू... सभी आरोपी कोर्ट रूम में खड़े थे। कोर्ट रूम खचाखच भरा था। सभी के चेहरों पर शिकन नजर आ रही थी। इतने में मजिस्ट्रेट पहुंचे और उन्होंने मुस्कुरा कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया।
कोर्ट रूम के अंदर से...
मजिस्ट्रेट ने सबसे पहले सलमान का नाम पूछा, सलमान ने नाम बताया। चूंकि फैसला आज सुनाने के लिए सुरक्षित रखा गया, मजिस्ट्रेट ने सलमान के अलावा सभी आरोपियों को बरी कर दिया। सलमान पर सभी आरोप तय हुए। सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत ने इसके बाद बहस शुरू की। सजा के बिंदु पर तीखी बहस हुई। इस दौरान सलमान खान के चेहरे पर जबरदस्त तनाव नजर आया। एपेक्स कोर्ट की दलीलें लगातार चलती रहीं। बहस होती रही। सलमान की ओर से बहस पूरी होने के बाद लोक अभियोजन अधिकारी ने सजा पर बहस शुरू की। इस केस में सलमान खान पर आरोप था कि उन्होंने जोधपुर के निकट कांकाणी गांव के भागोड़ा की ढाणी में दो काले हिरणों का शिकार किया था।
ये है पूरी कहानी
सितंबर, 1998 में जोधपुर तथा आस पास के इलाकों में फ़िल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग चल रही थी। इस फिल्म के निर्माता सूरज बड़जात्या थे। फ़िल्म में मुख्य भूमिकाएं आज के सुपर सितारा अभिनेता सलमान ख़ान, सैफ़अली ख़ान, नीलम, सोनाली तथा तब्बू सहित अन्य कलाकार निभा रहे थे। ये सभी कलाकार उम्मेद भवन पैलेस में ठहरे हुए थे। इस दौरान 5 अक्टूबर 98 को कांकाणी गांव की सरहद पर दो हिरणों के शिकार करने की खबरें स्थानीय अखबारों में छपी, इस पर वनविभाग हरकत में आया। बात पूरे देश में फैल गई, स्थानीय प्रशासन से लेकर तत्कालीन भैरोसिंह शेखावत सरकार तक ने मामले को गम्भीरता से लिया।
वन विभाग ने आनन फानन में जाँच कर आरोप लगाया कि 1 और 2 अक्टूबर की मध्यरात्रि को फिल्मी सितारों ने कांकाणी गांव की सरहद पर दो काले हिरण का तथा अन्य जगह पर भी हिरणों का शिकार किया। इसको लेकर वन विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया तथा जांच शुरु की।
इस बीच 12 अक्टूबर 1998 को सलमान ख़ान को गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरे दिन वन्य विभाग के पब्लिक पार्क स्थित दफ्तर में जांच अधिकारियों ने सलमान ख़ान और गवाहों के बयान दर्ज किए। बयान दर्ज करने का ये पूरा सिलसिला कैमरे में क़ैद हुआ। पाँच दिन बाद 17 अक्टूबर 1998 को सलमान खान को जमानत मिल गई और जेल से रिहा हुए।
कुल चार मामले हुए दर्ज
शिकार मामले में सलमान पर कुल चार केस दर्ज हुए। पहला, मथानिया और भवाद में दो चिंकारा के शिकार के लिए दो अलग-अलग मामले, तीसरा कांकाणी में काले हिरण का शिकार जिसका फैसला आज होना है। चौथा और अंतिम अवैध हथियार मामला जिसमें .32 और .22 बोर रायफ़ल लाइसेंस समाप्ति के बाद भी रखने के आरोप हैं।
पहला मामला
7 फ़रवरी, 2006 को निचली अदालत ने भवाद गांव की सरहद पर चिंकारा शिकार के मामले में वन्य जीव संरक्षण कानून के तहत सलमान को शिकार का दोषी करार देते हुए एक साल जेल और पांच हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई।
दूसरा मामला
10 अप्रैल, 2006 को जोधपुर की अदालत ने दूसरे चिंकारा मामले में सलमान को दोषी करार देते हुए वन्य जीवन क़ानून की धारा 51 और 52 के तहत पांच साल जेल और 25 हज़ार रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई।
24 अगस्त, 2007 को जिला एवं सत्र न्यायालय ने निचली अदालत से मिली सज़ा की पुष्टि की। तब छह दिनों तक यानी 26 अगस्त से 31 अगस्त, 2007 तक सलमान जेल में रहे। 31 अगस्त, 2007 को राजस्थान हाईकोर्ट ने सलमान की सज़ा को निलंबित कर दिया। 24 जनवरी, 2013 को सलमान को राहत देते हुए आर्म्स एक्ट के तहत सुप्रीम कोर्ट ने 'रायटिंग विद डेडली वेपन' यानी 'दंगे के लिए धारदार हथियार का उपयोग' जैसी गंभीर धारा को हटा दिया।
12 नवंबर, 2013 को सलमान को दोषी ठहराए जाने के निचली अदालत के फ़ैसले को भी निलंबित कर दिया गया, क्योंकि इससे सलमान की विदेश यात्राओं में बाधा आ रही थी। राजस्थान सरकार हाईकोर्ट के फ़ैसले के खिलाफ़ सुप्रीम कोर्ट गई।
14 जनवरी, 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा पर लगी रोक का आदेश रद्द कर दिया और हाईकोर्ट को केस पर नए सिरे से विचार करने को आदेश दिया।
अवैध हथियार का तीसरा मामला
18 जनवरी 2017 को सलमान को बरी कर दिया था। 20 साल पुराने इस केस में सलमान को न्यायिक मजिस्ट्रेट दलपतसिंह राजपुरोहित ने 18 जनवरी 2017 को बरी कर दिया गया था। राज्य सरकार एवं विश्नोई समाज की ओर से जिला एवं सेशन न्यायालय में इसके खिलाफ अपील दायर की गई। सलमान खान के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 व 27 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मामला अभी अपील में लम्बित है।
चौथा और अंतिम मामला
कांकाणी हिरण शिकार मामला
आरोप— दो काले हिरण को गन से बेरहमी से मार डाला।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 52 तथा 53 तथा आईपीसी की धारा 149।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला के न्यायाधीश देवकुमार खत्री की अदालत में अभियोजन अधिकारी भवानीसिंह भाटी ने सितम्बर से 23 अक्टूबर 17 लगातार 17 बहसों में अभियुक्तों के खिलाफ तर्क देकर बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान, सैफ अली, अभिनेत्री नीलम, सोनाली, तब्बू तथा स्थानीय निवासी दुष्यंत को वन्य जीव अधिनियम की धारा 52, 53 तथा सपठित भारतीय दण्ड संहिता की धारा 149 के कड़ी सजा की मांग की है। वहीं बचाव पक्ष ने 28 अक्टूबर 2017 से एक फरवरी 2018 तक 20 से अधिक सुनवाई के बाद सलमान को निर्दोष बताया। इस मामले के अन्य अभियुक्तों की ओर से अंतिम बहस समाप्त हो गई। न्यायालय ने 28 मार्च को फैसला सुरक्षित रखा जो आज सुनाया गया।