मिसाइल एंड स्ट्रेटजिक सिस्टम के महानिदेशक डॉ. रेड्डी जोधपुर आए
जोधपुर. सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के आकाश, जल और थल से सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद भारत अब इसको हाइपरसोनिक मिसाइल में बदलने की तैयारी में है। ध्वनि से तीन गुणा यानी मैक-3 रफ्तार से चल रही ब्रह्मोस की स्पीड मैक-10 तक की जाएगी। भारत के मिसाइल एंड स्टे्रटजिक सिस्टम्स के महानिदेशक व रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. जी. सतीश रेड्डी ने रक्षा प्रयोगशाला जोधपुर में 26वें प्रो. दौलतसिंह कोठारी व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए इसके संकेत दिए।
डॉ. रेड्डी ने हाइपरसोनिक मिसाइल को भविष्य का हथियार बताते हुए कहा कि अमरीका, रूस व चीन हाइपरसोनिक मिसाइल तैयार कर रहे हैं। भारत भी इस तकनीक को विकसित करने में अग्रसर है। इसके लिए मिसाइल की स्पीड, इंजन की टेक्नोलॉजी, मिसाइल के पदार्थ, भार वहन क्षमता सहित कई बदलाव करने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नेतृत्व में भारत ने 30 साल पहले मिसाइल कार्यक्रम शुरू किया था। पृथ्वी मिसाइल से शुरू हुआ सफर अंतर महाद्वीपीय बेलेस्टिक मिसाइल अग्नि-5 तक पहुंच चुका है।
पत्रकारों की ओर से पूछे गए अग्नि-6 विकसित करने के प्रश्न को डॉ. रेड्डी टाल गए। मिसाइल के अलावा उन्होंने लेजर और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों को भी भविष्य का हथियार बताया। डॉ. रेड्डी ने कहा कि दस किलोवाट लेजर विकसित करने पर बम और मिसाइल से हमला करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हाईपावर लेजर हर लक्ष्य को नष्ट कर देगी।
इधर व्याख्यान, उधर ब्रह्मोस का सफल परीक्षण
डॉ. सतीश रेड्डी जोधपुर में व्याख्यान दे रहे थे उसी समय ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से ब्रह्मोस का सफल परीक्षण किया गया। वर्तमान में ब्रह्मोस करीब 300 किलोमीटर तक मैक-3 की गति से हमला कर सकती है। भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओएम के संयुक्त उपक्रम से विकसित ब्रह्मोस रेमजैट टेक्नोलॉजी से चलती है। डीआरडीओ अगले पांच साल में क्षमता बढ़ाकर मैक-5 से मैक-10 के बीच स्पीड हासिल कर लेगा।
डीआरडीओ में 14 जने पुरस्कृत
प्रो. दौलतसिंह कोठारी व्याख्यानमाला की अध्यक्षता इसरो के पूर्व उप निदेशक प्रो. ओपीएन कल्ला ने की। डीआरडीओ निदेशक डॉ. संपतराज वढ़ेरा ने प्रो. कोठारी के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर प्रो. वढ़ेरा सहित डीआरडीओ के 14 कार्मिकों को उत्कृष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया। इसमें जीएल बाहेती, मनीषकुमार मिश्रा, देवेंद्र कुमार, ब्रजबाला टाक, कमल सिंघवी, अनिल गोयल, राकेश माथुर, पोखरराम लखानी, कैलाश, सुखराम और जुगलकिशोर शामिल है।
जानिए मिसाइल की स्पीड के बारे में
रेजिम ----मैक नम्बर ----- किमी/घण्टा
सबसोनिक-----0.8-----988
ट्रांससोनिक-----0.8 से 1.2-----988 से 1482
सुपरसोनिक-----1.2 से 5-----1482 से 6174
हाइपरसोनिक-----5 से 10-----6174 से 12348
हाई हाइपरसोनिक-----10 से 25-----12348 से 30870
री एंट्री स्पीड----- 25 से अधिक----- 30869.95 से अधिक
(एक मैक नम्बर यानी ध्वनि की गति-332 मीटर प्रति सैकेण्ड)