जोधपुर

Jodhpur: ‘हफ्ता नहीं दिया तो आधी रात को लगा दी आग’, हिस्ट्रीशीटर पर आरोप, दोनों बसें जलकर राख

Jodhpur Bus Fire: जोधपुर में देर रात दो अलग-अलग स्थानों पर खड़ी निजी बसों में आग लगने से दोनों बसें जलकर राख हो गईं। बस मालिक ने आरोप लगाया कि हफ्ता नहीं देने पर एक हिस्ट्रीशीटर ने वारदात को अंजाम दिया।
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Aug 05, 2026
Jodhpur Bus Fire
बस में लगी आग का फोटो: पत्रिका

Rajasthan News: जोधपुर शहर में देर रात दो अलग-अलग स्थानों पर खड़ी निजी बसों में आग लगने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। कायलाना रोड पर संबोधि धाम के पास और चौपासनी स्कूल के निकट खड़ी दो बसें देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गईं। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची दमकल ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों बसें बुरी तरह जल चुकी थीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। बाद में दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। घटना के बाद दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों बसें शेरगढ़ निवासी महिपाल सिंह खिरजा की हैं और जोधपुर-शेरगढ़ ग्रामीण रूट पर संचालित होती हैं। शुरुआती जांच में वारदात के पीछे बस रूट को लेकर चल रहा विवाद और आपसी रंजिश सामने आ रही है। वहीं एक हिस्ट्रीशीटर पर भी संदेह जताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उक्त हिस्ट्रीशीटर पूर्व में भी बसों में आगजनी की वारदात को अंजाम दे चुका है और इस मामले में जेल भी रह चुका है।

हफ्ता नहीं दिया तो बसों को आग लगा दी

बस मालिक महिपाल सिंह खिरजा ने आरोप लगाया कि क्षेत्र का एक हिस्ट्रीशीटर उनसे लंबे समय से हफ्ता की मांग कर रहा था। उन्होंने जब पैसे देने से इनकार किया तो उसने उनकी दोनों बसों को आग के हवाले कर दिया। उनका कहना है कि करीब एक वर्ष पहले भी इसी व्यक्ति ने चाबा गांव में एक बस में आग लगा दी थी।

बस मालिक ने बताया कि मामले में प्रतापनगर और राजीव गांधी नगर थाने में नामजद रिपोर्ट दी जा रही है। पुलिस घटनास्थलों से साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की हर पहलू से जांच की जा रही है। एफएसएल टीम की मदद भी ली जा सकती है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

Updated on:
05 Aug 2026 07:36 am
Published on:
05 Aug 2026 07:31 am