नोटबंदी के बाद पिछले बीस दिन से शहर के पेट्रोल पंपों पर स्वाइप मशीन के जरिए डेबिट/क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने का चलन पांच गुना तक बढ़ गया है।
नोटबंदी के बाद पिछले बीस दिन से शहर के पेट्रोल पंपों पर स्वाइप मशीन के जरिए डेबिट/क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने का चलन पांच गुना तक बढ़ गया है। चार पहिया वाहन वालों के साथ अब दुपहिया वाहन चालक भी कार्ड से भुगतान कर रहे हैं। इससे पेट्रोल पंपों को नकदी और छुट्टे की समस्या से भी निजात मिली है।
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपालसिंह ने बताया कि हर पेट्रोल पम्प पर प्रतिदिन करीब सवा लाख रुपए तक के पेट्रोल-डीजल का भुगतान कार्ड से हो रहा है। जबकि नोटबंदी से पहले यह 20 हजार रुपए के आस-पास था। वैसे पेट्रोल पंपों पर 15 दिसम्बर तक पांच सौ रुपए के नोट भी स्वीकार किए जाएंगे। एेसे में नकद भुगतान करने वालों में अधिकांश वाहन चालक पांच सौ रुपए का नोट लेकर पहुंच रहे हैं।
- 25 पेट्रोल पंप हैं शहर में
- 10 पेट्रोल पंपों पर स्वाइप मशीन के जरिए दो हजार के भुगतान की सुविधा
- 2 बैंकों की स्वाइप मशीन लगी है पंपों पर
- 4 लाख रुपए का औसतन पेट्रोल-डीजल प्रतिदिन बिकता है प्रत्येक पंप पर
- 1 लाख रुपए से अधिक का भुगतान हो रहा है डेबिट/क्रेडिट कार्ड से