- सीबीआइ जोधपुर की भीलवाड़ा में ट्रैप कार्रवाई, पति के निधन पर महिला की पेंशन शुरू करने के बदले ली थी रिश्वत
जोधपुर.
सीबीआइ जोधपुर ने भीलवाड़ा में ईपीएफओ के डाटा एन्ट्री ऑपरेटर को पांच हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उसने विधवा पेंशन शुरू करने के बदले यह रिश्वत ली थी।
सूत्रों के अनुसार भीलवाड़ा में हरदा तहसील के हरिपुरा निवासी जसराज कुम्हार के पिता भंवरलाल आरएसडब्ल्यूएम मयूर मिल में कार्य करते थे। वर्ष 2006 में सेवानिवृत्त होने पर उन्हें 819 रुपए पेंशन मिलती थी। 24 जुलाई 2021 को उनका निधन हो गया। मां के नाम पेंशन शुरू करवानी थी। इसके लिए पुत्र जसराज ने भीलवाड़ा के ईपीएफओ कार्यालय में डाटा एन्ट्री ऑपरेटर अक्षय मीणा उर्फ कृष्ण कांत से सम्पर्क किया था। उसने पेंशन शुरू करने के बदले पांच हजार रुपए रिश्वत मांगी। पीडि़त जसराज ने इसकी शिकायत 21 फरवरी को सीबीआइ जोधपुर में की। इस आधार पर सीबीआइ ने गोपनीय सत्यापन करवाया तो रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
तब सीबीआइ ने ट्रैप की योजना बनाई। पीडि़त को रिश्वत राशि देने के लिए आरोपी के पास भेजा। भीलवाड़ा में पांसल चौराहे के पास आरोपी ने पीडि़त से सम्पर्क किया। तब जसराज ने उसे पांच हजार रुपए रिश्वत दी। तभी सीबीआइ ने दबिश देकर भीलवाड़ा में ईपीएफओ के डाटा एन्ट्री ऑपरेटर अक्षय मीणा उर्फ कृष्णकांत को गिरफ्तार किया। उसे जोधपुर लाकर सीबीआइ मामलात की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन रिमाण्ड पर भेजने के आदेश दिए गए।
उससे रिश्वत लेने के मामले में किसी अन्य अधिकारी व कर्मचारी की भूमिका के संबंध में पूछताछ की गई, लेकिन फिलहाल किसी की भूमिका स्पष्ट नहीं हो पाई। रिमाण्ड अवधि समाप्त होने पर आरोपी को मंगलवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजने के आदेश दिए गए।