उनके निधन की सूचना मिलते ही शहर में शोक की लहर छा गई।
जोधपुर।
काका के नाम से मशहूर वयोवृद्ध वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व समाजसेवी गोविन्द श्रीमाली का मंगलवार रात करीब १० बजे निधन हो गया। बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी ८६ वर्षीय गोविंद काका की तबीयत बिगडऩे पर मंगलवार दोपहर उन्हें अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनका देहांत हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही शहर में शोक की लहर छा गई। उनकी अंतिम यात्रा बुधवार को सुबह १० बजे ब्रह्मपुरी नाला की गली स्थित उनके निवास से रवाना होकर चांदपोल क्षेत्र के स्वार्गाश्रम जाएगी। करीब ७३ वर्षो से ज्यादा राजनीति व पत्रकारिता से जुड़े रहे गोविन्द काका ने कई पुस्तकों का लेखन किया। वे विभिन्न समाचारों पत्रों से भी जुड़े रहे। वे वर्तमान में एक पाक्षिक समाचार पत्र का संपादन कर रहे थे। गोविन्द काका के परिवार में वर्तमान में एक पुत्र व तीन पुत्रियां हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री व महापौर ने जताया शोक
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात से दूरभाष पर गोविन्द श्रीमाली के निधन पर गहरा शोक जताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्रीमाली ने निगम में जनप्रतिनिधि के तौर कई विकास कार्यो में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन किया था। महापौर घनश्याम ओझा ने कहा कि हमने शहर का सच्चा हितैषी खो दिया। उनकी कमी सदैव खलती रहेगी। दलगत राजनीति से दूर गोविन्द काका ने हमेशा शहर के विकास की चिंता की थी। निगम में नेता प्रतिपक्ष गणपतसिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने अपना वरिष्ठ साथी खो दिया। वे सभी कार्यकर्ताओं से मिलजुल कर राय मशविरा किया करते थे। जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों व पार्षद सुनिल व्यास आदि ने भी गोविन्द काका के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
काका - नजर
जयनारायण व्यास गठित वानर सेना में १९४४ में शामिल हुए गोविन्द श्रीमाली का जन्म १९३१ में कोलकाता में हुआ था। उन्होंने रियासतों में जंगे-आजादी में सक्रिय भूमिका निभाने वाली एेतिहासिक जानकारियों का संकलन कर वीर सपूत के नाम से पांच खण्ड में पुस्तक का प्रकाशन किया था। उन्होंने नगर निगम की एेतिहासिक जानकारियों से सम्बन्धित पुस्तक तेरी हकीकत तुझे समर्पित का प्रकाशन किया था।