
जोधपुर.
लीक प्रश्न पत्र से पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 पास करने के मामले में पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर के दो कांस्टेबल संदेह के दायरे में थे। इनमें से एक कांस्टेबल को एसओजी गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि यातायात पुलिस का सिपाही भूमिगत है।
पुलिस का कहना है कि एसआइ भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने का मामला दर्ज होने के बाद एसओजी से मिले निर्देशों के बाद कमिश्नरेट के दो कांस्टेबल संदेह के दायरे में आए थे। इन पर गोपनीय नजर रखी गई थी। प्रतापनगर सदर थाने के कांस्टेबल अभिषेक बिश्नोई को एसओजी को सौंप दिया गया था। जिसे बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, यातायात पुलिस का एक कांस्टेबल भी संदेह के दायरे में है। पिछले दिनों वह पत्नी के बीमार होने का बताकर गया था। जो अभी तक ड्यूटी पर नहीं लौटा है। वह ड्यूटी से अनुपस्थित है। इससे उसकी भूमिका पर भी संदेह के बादल गहराने लगे हैं।
पहले अधिकारी और फिर कलक्टर कार्यालय में लगाई थी ड्यूटी
ड्यूटी से अनुपस्थित यातायात पुलिस के कांस्टेबल की पहले एक अधिकारी के पास ड्यूटी थी। संदेह के दायरे में आने के बाद उसकी ड्यूटी कलक्टर कार्यालय परिसर में लगा दी गई थी। इस दौरान उस पर नजर रखी जा रही थी। संभवत: उसे संदेह हो गया। वह पत्नी के बीमार होने का बताकर ड्यूटी से निकल गया था। अब पुलिस उसके पैतृक गांव से लेकर जोधपुर में मिलने वाले व परिचित ठिकानों पर नजर रखे हुए है।
लाखों रुपए में खरीदा था लीक प्रश्न पत्र
प्रतापनगर सदर थाने का कांस्टेबल अभिषेक बिश्नोई एसओजी की गिरफ्त में है। पुलिस को अंदेशा है कि उसने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र हासिल कर लिया था। बदले में संभवत: लाखों रुपए दिए गए थे। एसआइ परीक्षा पास होने के बाद उसने गांव में समारोह भी रखा था। फिर पत्नी से विवाद हो गया था। पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज के लिए प्रताडि़त करने की एफआइआर दर्ज करवा रखी है। इसी वजह से उसे एसआई की ज्वॉइनिंग नहीं दी गई थी। वह प्रतापनगर सदर थाने में सीसीटीएनएस पर काम करता रहा। वहीं से उसे पकड़कर एसओजी को सुपुर्द कर दिया गया था।