- गैंगवार के चलते दिनदहाड़े वारदात
- मसूरिया नट बस्ती के पास अपहरण, बाड़मेर के कवास में मिला शव
- बचकर भागे अपहर्ता के साथी ने दी जोधपुर व बाड़मेर पुलिस को दी सूचना
जोधपुर. मादक पदार्थों की तस्करी, लेन-देन का विवाद और पुलिस जीप लूट के आरोपियों को पकड़ाने से उपजी रंजिश के चलते मंगलवार दोपहर दर्जनभर बदमाशों ने मसूरिया नट बस्ती के पास एक युवक का पहले अपहरण किया और फिर उसकी हत्या कर दी। लाठियों से पीट-पीटकर अधमरा कर युवक को बाड़मेर जिले में कवास के पास फेंक दिया। उसकी बाद में मौत हो गई। प्रतापनगर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार बाड़मेर जिले में शिव थाना क्षेत्र अंतर्गत काश्मीर निवासी हरीश जाखड़ पुत्र टीकूराम जाट, उमेश बैनीवाल व जूंजाराम जाट दोपहर करीब एक बजे जोधपुर की मसूरिया नट बस्ती के बाहर से पैदल निकल रहे थे। काली स्कॉर्पियो व सफेद बोलेरो कैम्पर में एक दर्जन से अधिक लोग आए और मारपीट कर अपहरण का प्रयास किया। इस दौरान उमेश व जूंजाराम ने खुद को छुड़ा लिया और वहां से भाग निकले। हरीश को अपहर्ताओं ने वाहन में डाल दिया और बाड़मेर की तरफ भाग निकले। आरोपियों ने लाठियों से पीट-पीटकर हरीश को अधमरा कर कवास हाईवे पर फेंक दिया। लोगों ने उसे बाड़मेर अस्पताल भिजवाया, लेकिन रास्ते में मौत हो गई।
शव मोर्चरी में रखवाया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त (प्रतापनगर) स्वाति शर्मा ने मसूरिया नट बस्ती के पास अपहरण के बाद हत्या कर शव फेंकने की पुष्टि की है। अपहरण में दर्ज मामला अब हत्या में तब्दील किया जाएगा। अपहरण में खरताराम गोदारा के साथ नोखड़ा निवासी अरुण उर्फ टीकम हुड्डा, मालपुरा निवासी भगाराम कुकणा आदि के शामिल होने की आशंका है। लेन-देन व तस्करी का विवाद सूत्रों के अनुसार मृतक हरीश जाखड़ व माडपुरा निवासी खरताराम गोदारा के बीच कई दिनों से रंजिश चल रही है। दोनों पक्ष तस्करी व आपराधिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। अपहरण के दौरान हरीश के साथ मौजूद उमेश बेनीवाल कई दिन से खरताराम से रुपए मांग रहा था।
टालमटोल के बाद खरताराम ने राशि देने से इनकार कर दिया। तब उमेश, हरीश व कुछ अन्य लोगों ने खरताराम के घर फायरिंग कर हमला किया। घर व वाहनों में तोड़-फोड़ कर एक वाहन में आग भी लगा दी थी। इसे लेकर खरताराम उमेश से बदला लेने की फिराक में था। संभवत: इसी के चलते उसने अपहरण कर हत्या की, लेकिन उमेश बच गया। तलाश में जुटी दो जिलों की पुलिस बाड़मेर पुलिस अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंगला ने बताया कि हरीश का शव मोर्चरी में रखवाया गया है। बाड़मेर व जोधपुर पुलिस हत्यारों की तलाश कर रही है। मृतक बाड़मेर पुलिस के तीन मामलों में वांछित था। झंवर थाने की जीप लूट में भी आरोपी था।
----- सुराग देने पर बढ़ी रंजिश सूत्रों की मानें तो २० जनवरी को जैसलमेर रोड पर बम्बोर टोल नाका के पास पुलिस की चेतक (जीप) लूट ली गई थी। इसमें बाड़मेर के बदमाश शामिल थे। मृतक हरीश भी आरोपी था। खरताराम ने आरोपियों के बारे में बाड़मेर व झंवर थाना पुलिस को सूचना दी थी। इसको लेकर रंजिश और बढ़ गई थी। सोशल मीडिया पर विवाद, बनी अलग-अलग गैंग डोडा पोस्त तस्करी के आरोपियों में गत माह सोशल मीडिया पर विवाद हो गया था। तस्कर भगाराम कूकणा, मालपुरा, भैराराम बेनीवाल सोडीयार व खरथाराम गोदारा ने अलग गिरोह बना लिए थे। वे दूसरी गैंग से बदला लेने की नीयत से फायरिंग व मारपीट करने लगे थे। पहले भैराराम ने आडेल निवासी टीकम के घर पर फायरिंग की थी। इससे नाराज टीकम और खरताराम एक हो गए थे।
गैंगवार का सिलसिला
- 13 जनवरी : भगाराम व गैंग ने सोडियार निवासी तस्कर भैराराम के घर पर हमला कर फायरिंग की। उसके बाद भैराराम व गैंग के सदस्यों ने ओडल निवासी अरुण उर्फ टिकमा के घर पर हमला कर फायरिंग की।
- 20 जनवरी : भैराराम की गैंग ने जैसलमेर रोड पर बम्बोर टोल प्लाजा के पास स्कॉर्पियो पलटने के बाद मौके पर पहुंची झंवर थाने की गश्ती जीप लूटी थी, जिसमें मृतक भी शामिल था।
- 29 जनवरी : उमेश बेनीवाल व हरीश जाखड़ ने साथियों के साथ तस्कर खरताराम गोदारा के घर फायरिंग, गाडिय़ों में तोड़-फोड़ की।
- ५ फरवरी : बाछड़ाऊ क्षेत्र में स्कॉर्पियो को टक्कर मार कर फायरिंग की गई। इसमें दोनों गैंग के शामिल होने की आशंका जताई गई।