
उम्मेद उद्यान में एप से ट्रेक करते हुए आया एक युवक। Photo- Patrika
जोधपुर । लैंगिक अल्पसंख्यक यानि एलजीबीटी समुदाय के कई एप ऑनलाइन उपलब्ध है। इन ऐप के जरिये डेटिंग के लिए लाइव लोकेशन शेयर होती है। इसके बाद शहर के प्रमुख उद्यानों और बस स्टॉप पर अनैतिक काम के लिए लोग जुटने लग जाते हैं। यह असुरक्षित व अप्राकृतिक यौन संबंधों के कारण ही एचआइवी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। राजस्थान पत्रिका ने पिछले लम्बे समय से मिल रही इन अनैतिक गतिविधियों की जानकारी के बाद ही धरातल पर जाकर स्थिति देखी। इसके लिए हमने अल्पसंख्यक समुदाय से एक सहयोगी भी साथ लिया। खास बात यह है कि ऐसे पॉइंट को इनकी भाषा में गे पॉइंट भी बोलते हैं।
रात करीब 8 बजे हमारे साथ एक सदस्य वह एप को ऑन करके चलता है। उस उद्यान में क्षेत्र में करीब पांच से सात लोग एक्टिव होते हैं। जो सभी एक-दूसरे की लोकेशन देख सकते हैं। हमने कई लोगों को ट्रेस किया, कोई 50 मीटर तो कोई 199 मीटर तक दूर था। इसके बाद एक-एक कर वह समीप आते हैं और हमारी टीम से बात करते हैं। करीब आधा घंटा रुकने के बाद हम वहां से दूसरे पॉइंट के लिए निकलते हैं।
यह जोधपुर कलक्ट्रेट के सामने मुख्य सड़क पर ही स्थित है। अंधेरा का फायदा उठा कर वहां भी कई लोग इन्हीं अनैतिक गतिविधियों की फिराक में घूमते हैं। हमारे सहयोगी जो आगे चल रहे थे, उनसे आकर कई लोग बात करते हैं। फिर पीछे चलने का इशारा भी करते हैं।
इसी बस स्टॉप के पीछे रेलवे पटरियों के समीप दीवार टूटी हुई है। जहां पटरियों के समीप भी गलत काम होते हैं। पत्रिका टीम वहां पहुंची लेकिन वहां पहले से ही भनक लगने से लोग अपने वाहन उठाकर रवाना हो गए।
कई लोग जो हालही में इस प्रकार से एचआइवी की चपेट में आए हैं। उनकी हिस्ट्री जांची तो उनके सम्पर्क में भी यह अनैतिक गतिविधियां सामने आई। यही अपने परिवारों में भी एचआइवी एडस बांट रहे हैं। यह सभी असुरक्षित संबंधों के कारण चपेट में आए।
शाम होते ही यह लोग एप पर एक्टिव होते हैं। रात 8 बजे से 12 बजे तक एक्टिव होते हैं। इसी दौरान शहर में कई जगह यह अनैतिक गतिविधियां होती है। जो इस एप पर एक्टिव हैं वह नियमित तौर पर लाइव लोकेशन के आधार पर मिलते हैं। शहर के कई सार्वजनिक उद्यानों में ही इसी एप से ट्रेक किए जा सकते हैं।
Updated on:
14 Jun 2026 01:35 pm
Published on:
14 Jun 2026 01:30 pm
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