वायुसेना स्टेशन पहुंचकर तैयारियों का लेंगी जायजा
पश्चिमी सीमा के महत्वपूर्ण शहर जोधपुर की आकाशीय सीमा पर शौर्य और पराक्रम का एक नया इतिहास रचा जाएगा। आसमान की सरहद पर भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीता रमण लड़ाकू विमान सुखोई-30 में उड़ान भरेंगी। रक्षामंत्री निर्मला सीता रमण बुधवार को जोधपुर पहुंचेंगी। वे यहां वायुसेना स्टेशन पर लड़ाकू विमान सुखोई-30 में सॉर्टी उड़ान भरेंगी। इसके बाद स्टेशन पर वायुसेना के अधिकारियों से ऑपरेशनल तैयारियों के सम्बन्ध में चर्चा भी करेंगी। उनका शाम को ही दिल्ली निकलने का कार्यक्रम है। रक्षामंत्री रहते यह उनकी दूसरी जोधपुर यात्रा है।
यह दो सीटर लड़ाकू विमान है
सीता रमण वायुसेना स्टेशन पर सुखोई-३० विमान में सवार होंगी। यह दो सीटर लड़ाकू विमान है। रक्षा मंत्री पायलट के साथ पिछली सीट पर बैठेंगी और सुखोई-३० के साथ जोधपुर एयरबेस का चक्कर लगाएंगी। इस दौरान वे लड़ाकू विमान की तकनीक और हमला करने की रणनीति से भी रूबरू होंगी। जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर सुखोई-३० की दो स्क्वॉड्रन यानी कुल ३६ विमान हैं। सामरिक दृष्टि से जोधपुर वायुसेना स्टेशन बहुत महत्वपूर्ण है।गौरतलब है कि रक्षामंत्री बनने के बाद सीता रमण सेना के विभिन्न अंगों में ऑपरेशनल तैयारियों का सतत निरीक्षण कर रही हैं। हाल ही में नौसेना पोत आईएनएस विक्र मादित्य में बैठ कर उन्होंने समुद्र में सेना की तैयारियों का जायजा लिया था।
निर्मला सीता रमण : एक नजर
निर्मला सीता रमण ने 1980 में सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज, तिरुचिरापलली, तमिलनाडु से स्नातक की शिक्षा पूर्ण की। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विषय में एम फिल की। वे प्राइस वॉटरहाउस कूपर्स के साथ वरिष्ठ प्रबंधक (शोध व विश्लेषण) के तौर पर भी कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने कुछ समय के लिए बीबीसी विश्व सेवा के लिए भी कार्य किया। निर्मला सीतारमण हैदराबाद में स्थित प्रणव स्कूल के संस्थापकों में से एक हैं। निर्मला सीतारमण 2003 से 2005 तक राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रह चुकी हैं। वे सितंबर 03-2017 तक भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता के साथ-साथ भारत की भारत की वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) और वित्त व कारपोरेट मामलों की राज्य मंत्री रही हैं और सितंबर 03-2017 में नरेंद्र मोदी की सरकार में उन्हें रक्षा मंत्री बनाया गया। वे इंदिरा गाँधी के बाद भारत के रक्षा मंत्रालय की कमान संभालने वाली स्वतंत्र भारत की दूसरी महिला नेत्री और स्वतंत्र रूप से पहली पूर्णकालिक महिला रक्षामंत्री हैं।