
एैसे में ठण्डे मौसम को पसन्द करने वाले कुरजां पक्षियों ने फिर से सात समन्दर पार अपने प्रजनन स्थलों की ओर रवानगी का मानस बना लिया है। गुरुवार को करीब २ हजार पक्षियों के ३ समूहों को वतन वापसी के लिए उड़ान भरते हुए देखा गया है। अब आने वाले दिनों कुछ ही दिनों में पक्षी धीरे-धीरे अपने समूहों में उड़ान भर लेंगे और खीचन गांव एक बार फिर से पक्षियों के बिना सूना-सूना सा हो जाएगा।
2 पक्षियों ने की वतन वापसी-
पक्षी प्रेमी सेवाराम माली ने बताया कि इन दिनों में मौसम तंत्र में आए बदलाव के सर्दी का असर काफी कम होने व ग्राीष्म ऋतु की दस्तक के साथ कुरजां पक्षियों ने वतन वापसी शुरू कर दी है। आज खीचन से कुरजां के ३ समूहों ने वतन वापसी की उड़ान भर दी है। जिसमें करीब २ हजार पक्षी शामिल थे। अब खीचन में करीब २८ हजार पक्षी अब भी विचरण कर रहे है। उन्होंने बताया कि यूं तो पक्षी आसमान में दिन भर विचरण करते है। लेकिन वतन वापसी के समय कुछ दिन पहले पक्षी आसमान में काफी ऊंचाई पर जाकर वापस नीचे आते है। ये सिलसिला पिछले तीन-चार दिन से चल रहा था। आज यहां से तीन समूहों के उड़ान भरने के बाद वे आसमान में अत्यधिक ऊंचाई पर चले गए। यही पक्षियों की रवानगी का संकेत है।
अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण रहा यह प्रवास-
कुरजां का यह शीतकालीन प्रवास पक्षी वैज्ञानिकों व पक्षी विशेषज्ञों के लिए बेहद रोमांचक रहा क्योंकि इस बार कई पक्षियों में रिगिंग कॉलर व सैटेलाइट टैग मिले। जिससे इन पक्षियों को टैग करने वाले वैज्ञानिकों से सम्पर्क के बाद उनके अनुसंधान के लिए काफी सूचनाएं एकत्रित हुई तथा यहां के पक्षी विशेषज्ञों को भी कुरजां के बारे में नई जानकारियां मिली।
इस बार सर्वाधिक रही पक्षियों की संख्या-
वर्ष पक्षियों की संख्या
2019 30000
2018 26000
2017 170000
2016 25000
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