जोधपुर

Mahakumbh 2025: महाकुंभ में स्नान करने जोधपुर से पहुंचे श्रद्धालु, योगी आदित्यनाथ की तारीफ में कही ऐसी बात, देखें VIDEO

महाकुंभ में मारवाड़ से अनेक श्रद्धालुओं ने अमृत स्नान किया। जोधपुर से गए त्रिलोकसिंह परिहार ने कहा कि संगम नगरी में हो रहे महाकुभ में अभूतपूर्व व्यवस्था है।
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Jan 17, 2025
Mahakumbh 2025
पत्रिका फोटो

प्रयागराज में सनातन धर्म के महापर्व महाकुंभ में मारवाड़ के साधु-सन्तों ने स्नान किया। सैनाचार्य अचलानंद गिरी सहित मारवाड़ के सन्तों ने श्रद्धालुओं के साथ हर-हर महादेव के जयघोष के साथ संगम में पहला अमृत स्नान किया।

वहीं मारवाड़ से सैनाचार्य के साथ दादा दरबार सिद्धनाथ के महंत कंचनगिरी व अन्य सन्तों के साथ श्रद्धालुओं ने गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर आस्था की डुबकी लगाई। कुंभ में पूरे देश से साधु संत और श्रद्धालु आए हुए हैं। जगह-जगह भक्ति से परिपूर्ण नजारे दिखाई दे रहे हैं।

महाकुंभ में अभूतपूर्व व्यवस्था

महाकुंभ में मारवाड़ से अनेक श्रद्धालुओं ने अमृत स्नान किया। जोधपुर से गए त्रिलोकसिंह परिहार ने कहा कि संगम नगरी में हो रहे महाकुंभ में अभूतपूर्व व्यवस्था है। महाकुंभ में साधु-सन्तों, जनता के लिए अच्छी व्यवस्थाएं की गई है। अन्य जगहों पर भी होने वाले महाकुंभ में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।

वहीं उनके साथ गई एक महिला ने कहा कि भव्य आयोजन में सफाई, स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने इस आयोजन को व्यवस्थित किया है, सबको कुंभ में आकर पुण्यलाभ, सन्तों के दर्शन का लाभ मिल रहा है। ये श्रद्धालु दादा दरबार के पण्डाल में ठहरे हुए हैं।

रघुवीर सिंह भदावत ने बताया कि तिलक शृंगार और भस्म रमाए हुए सन्यासियों की शोभायात्रा में सबसे आगे अखाड़े की ध्वजा घोड़े पर नगाड़ा बजाते साधु-सन्तों की पालकियों, महामंडलेश्वर और अखाड़े के पदाधिकारी के रथ चल रहे थे। शोभायात्रा में समाजसेवी सुरेश बुगालिया, वसंत पंडित, सागर कंवर, डॉ. गोपाल चौधरी, बिलाड़ा विधायक अर्जुनलाल गर्ग, गौरव बागड़ी, मोती सेन, अनूपाराम सेन, अमृतलाल गिरधारी आदि हजारों श्रद्धालु शामिल थे।

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सैनाचार्य ने की सुख-शांति की कामना

सैनाचार्य अचलानंद गिरी ने अमृत स्नान कर संपूर्ण देश व मारवाड़ में सुख शांति की कामना की। अल सुबह सैनाचार्य आश्रम से भक्तों के साथ अमृत स्नान के लिए रवाना होकर जूना अखाड़े में जाकर सर्वप्रथम अखाड़े में इष्ट देव और निशानों की पूजा की।

Updated on:
17 Jan 2025 03:00 pm
Published on:
17 Jan 2025 02:59 pm
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