
IPS Anshuman Bhomia - File PIC
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार देर रात भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है। इस ताजा प्रशासनिक फेरबदल के तहत पश्चिमी राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट और जोधपुर ग्रामीण के पुलिस नेतृत्व में चौंकाने वाले और बड़े बदलाव किए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जोधपुर के निवर्तमान पुलिस आयुक्त शरत कविराज का तबादला कर उन्हें पुलिस मुख्यालय (PHQ) जयपुर में महानिरीक्षक पुलिस (अपराध शाखा) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया गया है। वहीं, उनकी जगह पर अब राजस्थान कैडर के अनुभवी और तेजतर्रार अधिकारी, महानिरीक्षक पुलिस (IGP) एसएसबी जयपुर अंशुमन भोमिया को जोधपुर का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, जोधपुर ग्रामीण में भी नया कप्तान बदला गया है, जिससे पूरे मारवाड़ क्षेत्र के पुलिस महकमे में हलचल शुरू हो गई है।
इस प्रशासनिक फेरबदल में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह रही कि सरकार ने जोधपुर शहर और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों के शीर्ष पुलिस कप्तानों को महज साढ़े चार महीने के भीतर ही बदल दिया है। निवर्तमान पुलिस कमिश्नर शरत कविराज ने इसी साल 26 फरवरी 2026 को जोधपुर में अपना कार्यभार संभाला था।
ठीक इसी तरह, जोधपुर ग्रामीण की पुलिस अधीक्षक पीडी नित्या ने भी 15 मार्च 2026 को ही जिले की कमान संभाली थी। सरकार ने अब पीडी नित्या का तबादला करते हुए उन्हें पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), जोधपुर के पद पर नई जिम्मेदारी दी है।
वहीं उनके स्थान पर आरएसी प्रथम बटालियन, जोधपुर के कमांडेंट पंकज यादव को जोधपुर ग्रामीण का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। अचानक हुए इन तबादलों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में कानून व्यवस्था की नई प्राथमिकताओं को जोड़कर देखा जा रहा है।
जोधपुर कमिश्नरेट की कमान संभालने जा रहे अंशुमन भोमिया राजस्थान कैडर के 2006 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। उनका चयन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से सीधे भर्ती यानी डायरेक्ट रिक्रूट (RR) के रूप में हुआ था। मूल रूप से राजस्थान के ही निवासी होने के कारण उन्हें मरुधरा की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों की बहुत गहरी समझ है।
29 अगस्त 2006 को भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए भोमिया के पास उच्च शैक्षणिक योग्यता भी है; उन्होंने कानून के क्षेत्र में स्नातक (LLB) और परास्नातक (LLM) की डिग्रियां प्राप्त की हैं, जिससे वे कानूनी पेचीदगियों और पुलिसिंग के नियमों के विशेषज्ञ माने जाते हैं।
गृह मंत्रालय (MHA) की आधिकारिक आईपीएस सिविल लिस्ट के अनुसार, अंशुमन भोमिया वर्तमान में 19 जुलाई 2025 से आईजीपी (IGP), एसएसबी, जयपुर के पद पर कार्यरत थे और वे पे-लेवल-14 के एक बेहद सीनियर अधिकारी हैं। उनके पास भारतीय पुलिस सेवा में लगभग 20 वर्ष का एक शानदार और बेदाग अनुभव है।
उन्होंने राजस्थान पुलिस के सबसे चुनौतीपूर्ण और गोपनीय विभागों जैसे खुफिया तंत्र, आतंकवाद निरोधक अभियानों (ATS) और पुलिस मुख्यालय में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं, जो उनकी पेशेवर कार्यकुशलता को साबित करता है।
वर्ष 2024 में डीआईजी (Level-13) से आईजीपी (Level-14) के पद पर प्रमोट होने वाले अंशुमन भोमिया का हालिया करियर प्रोफाइल बेहद प्रभावशाली रहा है
2019: पुलिस अधीक्षक (SP), इंटेलिजेंस, जयपुर के रूप में खुफिया तंत्र को मजबूत किया।
2020: उप महानिरीक्षक (DIG), एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS), जयपुर के पद पर रहकर आतंकी नेटवर्क पर नकेल कसी।
2020: कानून व्यवस्था की समीक्षा के तहत पुनः एसपी, इंटेलिजेंस, जयपुर की कमान संभाली।
2023: दोबारा डीआईजी, एटीएस, जयपुर के रूप में बड़ी सुरक्षा योजनाओं का सफल नेतृत्व किया।
2024: पदोन्नति के बाद आईजीपी, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS), जयपुर और बाद में आईजीपी, पुलिस मुख्यालय बनाए गए।
2025-2026: आईजीपी, एसएसबी, जयपुर के पद पर कार्यरत रहते हुए अब जोधपुर कमिश्नर की बड़ी फील्ड जिम्मेदारी संभाली।
जोधपुर जैसे संवेदनशील और बड़े कमिश्नरेट क्षेत्र में नए पुलिस कमिश्नर के रूप में अंशुमन भोमिया के सामने कई स्थानीय चुनौतियां होंगी। मारवाड़ क्षेत्र में बढ़ रहे संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर फ्रॉड और स्थानीय स्तर पर शांति व्यवस्था को बनाए रखना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
वे स्वयं इंटेलिजेंस और एटीएस के मुखिया रह चुके हैं, इसलिए स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि उनके आने से अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए सूचना तंत्र अधिक सक्रिय होगा। वहीं, ग्रामीण एसपी के रूप में पंकज यादव के सामने भी जोधपुर ग्रामीण के दूर-दराज के इलाकों में पुलिस की पहुंच और जनसुनवाई को और अधिक पारदर्शी बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
Updated on:
15 Jul 2026 11:01 am
Published on:
15 Jul 2026 11:00 am
