
Rajasthan Monsoon Update : अजमेर में पानी का दृश्य। फाइल फोटो - ANI
Rajasthan Monsoon Update : जून के अंतिम सप्ताह से मानसून और प्री मानसून की बरसात तो शुरू हो गई, लेकिन इसकी रफ्तार ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रह सकी। जोधपुर सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान में पहले चरण में केवल खंड वर्षा हुई और पिछले करीब एक सप्ताह से बारिश लगभग थमी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसके पीछे केवल स्थानीय मौसम प्रणाली नहीं, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर पश्चिमी प्रशांत महासागर में बना 'सुपर टाइफून बावी' और अल नीनो जैसी वैश्विक प्रणाली जिम्मेदार हैं।
यदि बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र विकसित होता है तो 20 जुलाई के आस-पास मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। सुपर टाइफून बावी का जन्म जून के अंतिम सप्ताह में पश्चिमी प्रशांत महासागर में मारियाना द्वीप समूह के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में हुआ। अगले कुछ दिनों में यह तेजी से शक्तिशाली होता गया और 5 जुलाई के आस-पास 'सुपर टाइफून' की श्रेणी में पहुंच गया। तब इसकी हवा की गति 285 से 287 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में फिलीपींस के उत्तर, ताइवान के निकट से गुजरकर पूर्वी चीन के तट तक पहुंचा, जहां इसकी तीव्रता कम हो गई।
मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि इतना शक्तिशाली चक्रवात समुद से भारी मात्रा में नमी और ऊर्जा खींच लेता है। इसका असर बंगाल की खाड़ी और पश्चिमी प्रशांत के बीच बनने वाली मानसूनी परिसंचरण प्रणाली पर पड़ता है। इसी दौरान बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र भी विकसित नहीं हुआ। परिणामस्वरूप राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित देश के बड़े हिस्से में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई है।
1- जून के अंतिम सप्ताह में पश्चिमी प्रशांत में बना टाइफून बावी तेजी से सुपर टाइफून में बदला। 2- 5 जुलाई के आस-पास इसकी हवा की गति लगभग 285 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई।
3- चक्रवात ने समुद्र से बड़ी मात्रा में नमी और ऊर्जा अपनी ओर खींची।
4- बंगाल की खाड़ी में नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बन पाया।
5- अल नीनो की पृष्ठभूमि ने मानसूनी परिसंचरण को कमजोर किया।
1- पहले चरण में केवल खंड वर्षा हुई।
2- पिछले करीब 10 दिनों से बारिश का लंबा अंतराल।
3- खरीफ फसलों के लिए नमी घटने लगी है।
4- जुलाई के अंतिम सप्ताह में मानसूनी बारिश की उम्मीद।
5- बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने पर पश्चिमी राजस्थान में अच्छी बारिश के आसार।
फिलिपीन्स के समीप बावी चक्रवात पहुंचने से बंगाल की खाड़ी तथा उसके पूर्वी क्षेत्र में स्थित इंडोनेशिया, मलेशिया, म्यांमार, थाइलैंड, फिलीपीन्स तथा वियतनाम के आस-पास क्षेत्र में फैली सारी नमी अपनी ओर खींच ली है, जिससे भारतीय मानसून अब कमजोर पड़ गया है। अब 20 जुलाई से वापस सक्रिय होने की उम्मीद है।
प्रो. नरपतसिंह राठौड़, भूगोलवेत्ता व रिटायर्ड प्रोफेसर
Updated on:
14 Jul 2026 11:50 am
Published on:
14 Jul 2026 11:29 am
