
नंदकिशोर सारस्वत/मंडोर/जोधपुर. एक हादसे ने संगीता को भले ही दिव्यांग बना दिया, लेकिन उसने अपने हौसले की उड़ान से जीवन की हर चुनौती स्वीकार करते हुए खेलकूद के क्षेत्र में सफलता का परचम लहराया। संगीता जब मात्र सात वर्ष की थी तब वर्ष 1996 में मामा के विवाह समारोह के दौरान 1100 केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने के कारण उसने दांया हाथ और पैर गंवा दिया था। इसके बावजूद संगीता ने हिम्मत नहीं हारी। नियति के अभिशाप को कमजोरी के बजाय ताकत बनाते हुए एक हाथ और एक पैर के सहारे जीवन संवारने और देश की सेवा करने का संकल्प लिया।
हौसलों की उड़ान भरते हुए दिव्यांग बालिका संगीता विश्नोई ने मात्र दस साल की उम्र में ही इंग्लैण्ड में वर्ष 2003-04 आयोजित मिनी पैरा ओलम्पिक गेम्स में एक स्वर्ण पदक और ऑल राउण्ड प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में अपना नाम दर्ज करवाया। इंग्लैण्ड से मिनी ऑलम्पिक जीतने के बाद भारत लौटने के बाद संगीता को दिल्ली में तत्कालीन डॉ.राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आजाद ने भी सम्मानित किया था। मदेरणा कॉलोनी निवासी एमए की छात्रा संगीता ने बताया कि उसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में लगातार जीत हासिल कर देश व राज्य का नाम रोशन करना है। वे राज्य सरकार की ओर से विशेष योग्यजनों के कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 2014 में राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। एक हाथ और एक पैर न होने के बावजूद संगीता दिन भर में 2 से 3 घंटे तक साइकिल चलाती हैं। इन दिनों प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों में जुटी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय खेलों में चमकी संगीता
एथलीट संगीता ने लंदन 2010 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मिनी पैरा ओल्मपिक के क्रिकेट बॉल थ्रो प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल अपने नाम किया था। वर्ष 2012 हाजीपुर में आयोजित चौथी इंडियन सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता और जयपुर में सातवीं स्टेट लेवल पैरा एथलीट चैम्पियनशप में 100 व 200 मीटर रेस और डिस्कस थ्रो में गोल्ड और रैली में ब्रॉन्ज मैडल जीता था। वर्ष 2017 उदयपुर में आठवीं स्टेट लेवल पैरा एथलीट चैम्पियनशप में 100 व 400 मीटर रेस और डिस्कस थ्रो में गोल्ड, पंचकुला हरियाणा में आयोजित अ_ारहवीं नेशनल लेवल पैरा एथलीट चैम्पियनशप में 100 और 200 मीटर रेस में सिल्वर मैडल व 2017 जयपुर साइक्लिंग कम्युनिटी की ओर से आयोजित प्रथम साइक्लोथॉन में 50 किलोमीटर और रोटरी क्लब ऑफ जोधपुर संस्कार की ओर से आयोजित द्वितीय साइक्लोथॉन में 22 किमी में भाग लिया है। संगीता जयपुर में आयोजित एयू मैराथॉन और जोधपुर में आयोजित मैराथॉन में भी भाग ले चुकी हैं।