
जोधपुर। जिला विशेष शाखा की टीम की ओर से अवैध बजरी परिवहन की रोकथाम के दौरान एक बजरी से भरे डंपर चालक की ओर से सरकारी वाहन को टक्कर मारने तथा पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। घटना बालरवा-तिंवरी मार्ग की है। मथानिया थाना पुलिस ने आरोपी चालक के विरुद्ध हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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जिला विशेष शाखा के सहायक उपनिरीक्षक पुनीत कुमार त्यागी की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस टीम गश्त के दौरान बालरवा के समीप जोधपुर से तिंवरी की ओर जा रहे बजरी से भरे डंपर को रोकने का प्रयास कर रही थी। चालक को रुकने का संकेत दिया गया, लेकिन उसने वाहन नहीं रोका और तेज गति से भाग निकला। पुलिस टीम की ओर से पीछा किए जाने पर चालक ने कथित रूप से कई बार सरकारी वाहन को टक्कर मारने और पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने सतर्कता बरतते हुए समय रहते वाहन हटाकर संभावित हादसे को टाल दिया।
भागने के दौरान आरोपी चालक ने बालरवा के निकट सड़क पर डंपर में भरी पूरी बजरी खाली कर दी और वाहन सहित फरार हो गया। सड़क पर बजरी फैल जाने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी की सहायता से सड़क से बजरी हटवाकर यातायात सुचारू कराया गया।
अनुसंधान अधिकारी एवं तिंवरी चौकी प्रभारी प्यारेलाल ने बताया कि बुधवार को एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए। मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है और फरार डंपर चालक की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।
वहीं दूसरी तरफ पुलिस आयुक्तालय जोधपुर ने अपराध, अवैध गतिविधियों और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए मंगलवार रात ए श्रेणी हथियारबंद नाकाबंदी अभियान चलाया। शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक शहर के चिन्हित स्थानों पर सघन वाहन जांच की गई। अभियान के दौरान 809 संदिग्ध वाहनों की जांच की गई और कुल 345 चालान बनाए गए। 17 वाहन चालकों के खिलाफ ड्रंक एंड ड्राइव (धारा 185 एमवी एक्ट) के तहत कार्रवाई की गई। 28 अवैध बंपर लगे वाहनों पर कार्रवाई हुई, जबकि 47 काले शीशे/फिल्म लगे वाहनों के चालान काटे गए। 15 मॉडिफाइड और फैंसी नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इसके अलावा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर 238 चालान बनाए गए। राजकोप ऐप के माध्यम से 292 संदिग्ध व्यक्तियों का फोटो मिलान भी किया गया।