- पिछले औसत बिल कम राशि के थे इसलिए इस बार राशि बढ़ी - डिस्कॉम कार्यालयों पर संतोषजनक जवाब तक नहीं
जोधपुर।
लॉकडाउन के बाद दूसरी बार घरों पर आए बिजली के बिल जनता को झटका दे रहे हैं। पिछली बार से दो से तीन गुना तक राशि देख लोगों में रोष है। कई स्थानीय कार्यालयों में पहुंच रहे हैं तो संतोषजनक जवाब तक नहीं मिल रहे। हालांकि बिल सिस्टम जनरेटेड है, ऐसे में खामियां होने के अवसर नगण्य है, लेकिन जनता को समझाने वाला तक कोई नहीं।
इसलिए बढ़ी हुई राशि
पिछले बिल औसत के अनुसार दिए थे जो कि सामान्य तौर पर जो बिल आते हैं उनसे कुछ कम थे। इस बार पिछले बिल औसत बिल में राशि कम आई। लेकिन लॉकडाउन अवधि में घरों में रहने के कारण व तेज गर्मी के चलते बिजली उपभोग बढ़ गया और रीडिंग भी ज्यादा आई।
ऐसे समझें गणित
- यदि किसी व्यक्ति का लॉकडाउन से पहले बिल 3 हजार प्रति माह आता था तो लॉकडाउन अवधि में औसत के लिहाज से 2 से ढाई हजार का ही भेजा गया। क्योंकि औसत 12 माह की बिलिंग पर आधारित था।
- लॉकडाउन खुला तो दो से तीन माह की रीडिंग के आधार पर बिल आया, चंूकि लॉकडाउन में बिजली का उपभोग भी ज्यादा था, इसलिए रीडिंग के हिसाब से बिल जनरेट हुआ।
- हालांकि उसमें पिछले बिल की राशि काटी गई, लेकिन फिर भी वह दो से तीन गुना का आंकड़ा पिछले बिल की तुलना में है। इससे काफी परेशानी हुई।
लोगों में रोष
मंगलवार को लालसागर सहायक अभियंता कार्यालय में लोगों ने रोष जताया। बढ़े बिल आने से शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचे। इसी प्रकार एक दिन पहले जालोरी गेट क्षेत्र के लोगों ने रोष जताया था, वहीं भाजपा नेताओं ने सीएम को पत्र भेजे।