
जोधपुर।
कुड़ी भगतासनी थानान्तर्गत झालामण्ड में संस्थान की ओर से संचालित एक विद्यालय में विद्यार्थियों की स्कूल फीस के 1.57 करोड़ रुपए का गबन कर लिया गया। विद्यालय की महिला एकाउन्टेंट व उसके पति ने तीन शैक्षणिक सत्र की फीस में यह गड़बड़झाला किया।
पुलिस के अनुसार शास्त्रीनगर में शांति निकेतन एज्यूकेशन ट्रस्ट के मैनेजर चौहाबो सेक्टर-18ई निवासी कैलाश नारायण पुत्र हिम्मतराम जोशी व सहायक मैनेजर यज्ञदत्त पुत्र कैलाशचन्द्र शर्मा ने संयुक्त शिकायत पेश कर चांद बावड़ी में जैता बेरा निवासी आकांक्षा पत्नी मनोज व्यास और उसके पति मनोज व्यास के खिलाफ 1.57 करोड़ 39 लाख 9 सौ रुपए के गबन का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि शांति निकेतन एज्यूकेशन ट्रस्ट की ओर से झालामण्ड में शांति निकेतन विद्यालय संचालित किया जाता था, जहां एक नवम्बर 2017 को आकांक्षा व्यास को बतौर एकाउन्टेंट रखा गया था। जो छात्र छात्राओं की फीस को सॉफ्टवेयर के मार्फत जमा करती थी। वे विद्यालय के लेखा जोखा का हिसाब भी रखती थी। मातृत्व अवकाश पर होने के चलते आकांक्षा के आग्रह पर पति को बतौर एकाउन्टेंट रखा गया था। जुलाई 2022 में वैष्णवी एज्यूकेशन ट्रस्ट को विद्यालय लीज पर दे दिया गया था। इस ट्रस्ट की ओर से चेतन्य टेक्नो स्कूल नाम से विद्यालय संचालित किया जाने लगा था। इसके प्रबंधक ने पुराने विद्यालय के कर्मचारियों को ही कार्य पर रख लिया था। गत वर्ष अगस्त में विद्यालय के संचालक ने अवगत कराया कि लीज से पूर्व के फीस विवरण में गड़बड़ी है। विद्यार्थियों के अभिभावकों ने अवगत कराया था कि वे फीस जमा करवा चुके हैं। जिसकी रसीद भी पेश की थी, लेकिन उनकी फीस विद्यालय रिकॉर्ड में जमा नहीं की गई थी।
इस संबंध में जांच करने पर बड़ा गबन सामने आया। एकाउन्टेंट आकांक्षा व्यास व पति मनोज ने शैक्षणिक सत्र 2019-20 में 19,05,050 रुपए, सत्र 2020-21 में 1,09,09,350 रुपए और सत्र 2021-22 में 29,25,500 रुपए का गबन किया है। एफआइआर में आरोप है कि एकाउन्टेंट व पति से इस बारे में बातचीत की गई तो दोनों ने गबन करना स्वीकार किया। दोनों ने गबन राशि चुकाने के लिए 25 लाख और 20 लाख रुपए के दो चेक दिए, लेकिन फिर कुछ समय और मांगते हुए बैंक में चेक जमा न करवाने का आग्रह किया, लेकिन दोनों ने राशि नहीं चुकाई।
एकाउन्टेंट के खाते में जमा, पति के खाते में ट्रांसफर
आरोप है कि एकाउन्टेंट आकांक्षा व्यास का जलजोग सर्कल के पास निजी बैंक में खाता है। पति का सिवांची गेट के पास बैंक में खाता है। गबन की राशि एकाउन्टेंट के बैंक खाते में जमा करवाई जाती थी। फिर वहां से पति के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते थे।