इस शुल्क की निजी स्कूलों को रसीद दी जा रही है।
जोधपुर . जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पर पांचवीं-आठवीं बोर्ड परीक्षा करवाने की जिम्मेदारी है। इसमें पांचवीं बोर्ड परीक्षा के लिए निजी स्कूलों से प्रति छात्र ४० रुपए लिए जा रहे है। साथ ही हरेक निजी स्कूल को २५० रुपए की रसीद डाइट में कटवानी पड़ रही है। इस राशि पर कई निजी स्कूल संचालक ने इसका विरोध जताया है। इस शुल्क की निजी स्कूलों को रसीद दी जा रही है। इस पर डाइट विकास एवं प्रबंधन समिति लिखा हुआ है। इस पर विकास शुल्क के लिए २५० रुपए लिखे हुए हैं। नीचे लिखा है भामाशाह से प्राप्त राशि। हालांकि सभी स्कूलों के विकास शुल्क पर ही सही का निशान लगा हुआ है। जानकारी के अनुसार यह शुल्क पिछले साल भी वसूला गया था। इस शुल्क में सरकारी स्कूलों को नहीं जोड़ा गया है।सूत्र बताते हैं कि डाइट के जिम्मेदारों का भी मानना है कि अधिकांश निजी स्कूल मनमानी फीस अभिभावकों से वसूलते है। एेसे में सभी २५०-२५० रुपए दे देंगे तो डाइट को भी आर्थिक सहयोग मिल जाएगा। यह शुल्क ब्लॉक स्तर की निजी स्कूलों से भी लिया जा रहा है।
इनका कहना है
पिछले साल मैं नहीं था। यह राशि डाइट विकास एवं प्रबंधन समिति के प्रस्ताव से ली जा रही है। अन्य जिलों में यह राशि ली जा रही है या नहीं, इसकी मुझे भी जानकारी नहीं है।
- शंकरसिंह चंपावत, प्राचार्य, डाइट
३० को बंद रहेंगे शिक्षा विभाग संबंद्ध निजी स्कूल
विद्यालय स्तर पर फीस कमेटी और पांचवीं बोर्ड की अनिवार्यता को लेकर निजी स्कूल एकजुट होने लगे हैं। शहर में रविवार को गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के संचालकों की बैठक पावटा स्थित होली स्पिरिट् सीसै स्कूल में हुई। सभी शिक्षा विभाग संबंद्ध निजी विद्यालय संचालकों ने जोधपुर में ३० नवंबर को विद्यालय बंद रखने का एेलान किया। निजी शिक्षण संस्थान संघ अध्यक्ष नरेश मिश्रा ने बताया कि 30 नवम्बर को फ ीस कमेटी गठन के नियम के विरोध व पांचवीं बोर्ड परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त करने को लेकर जोधपुर के समस्त गैर सरकारी शिक्षण संस्थान विद्यालय बंद रखेंगे।
यह सभी निजी विद्यालय राजस्थान शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त हैं। संघ जिला कलक्टर को भी ज्ञापन देगा। अजमेर में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। मिश्रा ने कहा कि बैठक में बीच सत्र में विद्यालय स्तर पर फ ीस कमेटी के गठन का अनावश्यक दबाव एवं पांचवीं बोर्ड की अनिवार्यता की विसंगतियों सहित कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में राजेश शेखावत, गजेन्द्र दिवाकर, आनन्द सिंह सांखला, जयन्त सांखला, गजेन्द्र टाक, संतोष तंवर, देवाराम चौधरी, मुकेश टाक, भूपेश कच्छवाह, हिमालय मूथा व एमएन राय सहित सैकडों विद्यालय संचालक उपस्थित थे।