
Farming Loan : खरीफ 2023 में फसली ऋण लेने वाले जोधपुर जिले के करीब 60 हजार किसानों के सामने 400 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाने की चुनौती खड़ी हो गई है। सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने जीएसएस के माध्यम से किसानों को गत वर्ष अल्पकालीन ऋण बांटा था। सीजन में बारिश नहीं होने से खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गई थीं। अब बैंक ने किसानों को 31 मार्च तक बकाया कर्ज जमा कराने के नोटिस थमाए हैं। किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर खरीद का भुगतान 15 अप्रेल से शुरू होता है, फिर किसान 31 मार्च को फसली ऋण कैसे चुकाएंगे। उल्लेखनीय है कि जिले के करीब 94 हजार किसानों को ऋण बांटा गया था, इसमें 34 हजार किसानों ने भुगतान कर दिया है।
सरकार बढ़ाती है तिथि
हालांकि सरकार अल्पकालीन खरीफ ऋण जमा कराने की अवधि 30 जून तक बढ़ाती है। लेकिन इस बार यह तिथि अब तक नहीं बढ़ाई गई है। इससे जिले के किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि हर साल खरीफ सीजन में किसानों को फसली ऋण बांटा जाता है। 31 मार्च तक बकाया कर्ज जमा कराने पर ब्याज फ्री का लाभ मिलता है। इसके बाद कर्ज अवधिपार की श्रेणी में शामिल होते ही पूरे साल का ब्याज चुकाना पड़ता है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दलाराम बटेसर व प्रांत अध्यक्ष मानकराम परिहार ने बताया कि किसानों की फसलों की पूरी तरह कटाई होकर बाजार में नहीं बिकने के कारण किसान 31 मार्च तक इसका भुगतान नहीं कर सकेंगे, ऐसे में इसकी अवधि बढ़ाई जानी चाहिए।
केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री, मुख्यमंत्री से की मांंग
भारतीय किसान संघ की ओर से अल्पकालीन सहकारी फसली ऋण भुगतान की अवधि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून करने की मांग को लेकर सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक व केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी को पत्र भेजा गया है। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व मुख्य सचिव को भी पत्र भेजा है।
निर्णय सरकार के पास
अल्पकालीन सहकारी फसली ऋण भुगतान की तिथि बढ़ाने का निर्णय सरकार स्तर से होगा। अभी यह तिथि 31 मार्च है, इस अवधि तक किसान अपने ऋण का भुगतान बिना ब्याज का लाभ लेकर कर सकते हैं।
सुरेन्द्रसिंह राठौड़, एमडी, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, जोधपुर