पानी व फोन की सुविधा से महरूम केन्द्र की सुरक्षा दीवार भी अधूरी
मंडोर/जोधपुर. मंडोर क्षेत्र में यदि कहीं आग लग जाए तो सावधान! क्षेत्र के अग्निशमन केन्द्र में ना तो फोन की सुविधा है और ना ही पानी का कोई इंतजाम। मंडोर-नागौर रोड स्थित आठ मिल में संचालित अग्निशमन केन्द्र नागौरी गेट से संचालित होता है। आग बुझाते समय दमकलों में पानी खत्म होने पर करीब 7 किमी का लंबा सफर तय कर नागौरीगेट पहुंचना पड़ता है। इतना ही नहीं, मंडोर औद्योगिक क्षेत्र में यदि किसी स्थान पर आग लगे तो अग्निशमन केन्द्र को सूचना भी सीधे नहीं मिल सकती। क्षेत्रवासियों को अग्नि से बचाने वाला केन्द्र खुद असुरक्षित है। केन्द्र की सुरक्षा दीवार तक पूरी नहीं है। करीब एक दशक पहले मंडोर औद्योगिक क्षेत्र के कोल्ड स्टोरेज में हुए अग्निकांड के बाद स्थापित फायर ब्रिगेड में कुल 12 लोगों का स्टाफ है। इनमें आठ संविदाकर्मी हंै। मंडोर क्षेत्रवासियों का कहना हैं कि आठ मिल एरिया में निगम के दमकल कार्यालय में किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। यहां न तो फ ोन है और न ही दमकलों में भरने के लिए पानी की सुविधा है। निगम अधिकारियों को शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
यह है स्थिति
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में स्थापित दमकल कार्यालय में निगम ने दो दमकल गाडिय़ां खड़ी कर रखी है, लेकिन एक दमकल के कांच तक नहीं है। आग लगने पर पानी भरने के लिए आस-पास कोई व्यवस्था नहीं है। निगम ने दमकल कार्यालय में एक दशक बाद भी पानी का कनेक्शन लेना भी जरूरी नहीं समझा है। आग लगने पर क्षेत्रवासियों को नागौरीगेट स्थित दमकल कार्यालय की तरफ मुंह ताकना पड़ता है।
कोई सुधार नहीं हो रहा
मण्डोर एवं आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र में आग लगने की सूचना आज भी नागौरी गेटअग्निशमन सेवा केन्द्र के दूरभाष के जरिये ही देनी पड़ती है, फि र वहां से सूचना पुन: मण्डोर क्षेत्र के अग्निशमन सेवा केन्द्र को मिलने पर गाड़ी रवाना होती है। तब तक कई बार अग्निकांड के कारण नुकसान ज्यादा हो जाता है। अग्नि शमन केन्द्र की असुविधाओं को लेकर जिला कलक्टर, नगर निगम आयुक्त को शिकायत की गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ है।
-लक्ष्मणसिंह सोलंकी, जिला सचिव, युवा कांग्रेस जोधपुर
अधिकारियों को बता चुके हैं
हमने निगम अधिकारियों को अग्निशमन केन्द्र में दमकल व उपकरण संबंधी समस्याओं के बारे में अवगत करा दिया है। फोन व पानी का कनेक्शन जल्द ही लिया जाएगा।
-अजय गहलोत, प्रभारी, अग्निशमन केन्द्र मंडोर