
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के झालामंड स्थित नए भवन के निर्माण में कथित गड़बड़ियों को लेकर दर्ज बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड (आरएसआरडीसी) के तीन अधिकारियों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें जयपुर की जेके इलेक्ट्रिक कांट्रेक्टर फर्म के प्रोपराइटर और प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी शामिल है। सभी आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चार को पुलिस रिमांड और एक आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
एसीपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट भवन निर्माण में सामने आई खामियों को लेकर वर्ष 2024 में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान आरएसआरडीसी के अधिकारी जितेंद्र शर्मा पुत्र राजा बाबू शर्मा, नवीनचंद्र के राय पुत्र किशोरीलाल और राजेश पुरोहित को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा जेके इलेक्ट्रिक कांट्रेक्टर, जयपुर के प्रोपराइटर रामेश्वरदयाल खण्डेलवाल पुत्र मोहनलाल खण्डेलवाल निवासी गेटोर रोड, जयपुर और प्रोजेक्ट डायरेक्टर गोपाललाल खण्डेलवाल पुत्र मोहनलाल खण्डेलवाल निवासी सवाई गेटोर रोड, जयपुर को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने पांचों आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरएसआरडीसी अधिकारी जितेंद्र शर्मा, नवीनचंद्र के राय, रामेश्वरदयाल खण्डेलवाल और गोपाललाल खण्डेलवाल को रिमांड पर भेज दिया। वहीं राजेश पुरोहित को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
कोर्ट ऑफिसर सेल कर्मचारी शरद जोशी ने दो साल पूर्व शिकायत दर्ज कराई थी कि हाईकोर्ट के नए भवन का निर्माण कार्य आरएसआरडीसी की ओर वर्ष 2008 में शुरू किया गया था और दिसंबर 2019 में इसे पूरा किया गया। 220 करोड़ की लागत से बनी इमारत के रखरखाव के लिए हर साल 2 करोड़ 20 लाख का बजट के बावजूद गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया।
राजस्थान हाईकोर्ट के कोर्ट ऑफिसर सेल के कर्मचारी शरद जोशी की शिकायत पर करीब दो साल पहले मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार झालामंड स्थित राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन का निर्माण आरएसआरडीसी लिमिटेड की ओर से वर्ष 2008 में शुरू कराया गया था और दिसंबर 2019 में पूरा हुआ। भवन के निर्माण पर करीब 220 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। भवन के रख-रखाव के लिए हर साल करीब 2.20 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित होने के बावजूद निर्माण और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे। हाईकोर्ट निर्माण गड़बड़ी मामले में पुलिस श्रमिक और इलेक्ट्रीशियन तक से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि 50 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है।