
जोधपुर. जोधपुर की पूर्व राजमाता एवं पूर्व सांसद कृष्णा कुमारी का सोमवार रात डेढ़ बजे निधन हो गया। उन्होंने यहां एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। कृष्णा कुमारी के निधन की खबर सुनते जोधपुर में शोक की लहर दौड़ गई।
अचानक तबीयत बिगडऩे के बाद 93 वर्षीय कृष्णा कुमारी को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पक्षाघात के बाद गोयल अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक उनके उपचार में जुटे हुए थे। उनके उपचार के लिए वीआईपी कोटेज को ही आईसीयू बनाया गया था।
पूर्व राजमाता की पार्थिव देह को मंगलवार दोपहर 1.30 बजे उम्मेद भवन पैलेस परिसर में जनता के दर्शनार्थ रखा जाएगा। अपराह्न बजे जसवंत थड़ा में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
1971 में बनी थी सांसद
कृष्णा कुमारी ने सन् 1971 का लोकसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा था। वे 21 हजार से अधिक वोटों से विजयी रहीं। उन्होंने संसद में जोधपुर समेत पूरे प्रदेश की जनता की आवाज को पुरजोर तरीके से उठाया। अपने राजनीतिक सेवाकाल में उन्होंने जोधपुर जिले के विकास में काफी योगदान दिया था। बालिका शिक्षा के लिए भी उन्होंने भरसक प्रयास किए। उन्होंने जोधपुर में राजमाता कृष्णा कुमारी गल्र्स पब्लिक स्कूल की स्थापना की थी। 1971 के भारत—पाकिस्तान युदृध के दौरान शेरगढ के सर्वाधिक फौजी शहीद होने पर उन्होंने क्षेत्र का दौरा कर शहीदों के परिजनों को ढाढस बंधाया था। इसके साथ ही 1973—74 में खाद्यान्न संकट के समय उन्होंने जोधपुर की जनता की सहायता के लिए भरपूर प्रयास किए थे। इसके साथ ही जोधपुर में हवाई व रेल सेवाओं के विस्तार के लिए भी उन्होंने प्रयास किए थे।
जीवन परिचय
कृष्णा कुमारी का जन्म 10 फरवरी 1926 को ध्रांगध्रा (सौराष्ट्र) गुजरात में हुआ था। उनका विवाह 14 फरवरी 1943 को जोधपुर के तत्कालीन महाराजा हनवंत सिंह के साथ हुआ। उनके पुत्र पूर्व सांसद गज सिंह एवं दो पुत्रियां हैं। उनकी पुत्री चंद्रेश कुमारी भी जोधपुर की सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री रह चुकी हैं।