
Jodhpur : केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत को भारतीय राजनीति का ऐसा व्यक्तित्व बताया, जिन्होंने सामान्य परिवार में जन्म लेकर अपनी मेहनत, पुरुषार्थ, राजनीतिक सूझबूझ और आमजन से जुड़ाव के बल पर उपराष्ट्रपति भवन तक का सफर तय किया। मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान में पंचायती राज चुनावों के पहले चरण में लोगों का रुझान और उनकी भावनाएं भाजपा के पक्ष में मतदान के रूप में सामने आई हैं।
मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने विश्वास जताया कि स्थानीय निकाय चुनावों में मिले समर्थन की पुनरावृत्ति पंचायती राज चुनावों में भी होगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान के 70 प्रतिशत से अधिक निकायों में भाजपा को समर्थन मिला है। पश्चिमी राजस्थान में 41 में से 36 स्थानों पर भाजपा के बोर्ड बने हैं। उन्होंने इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए पंचायती राज चुनावों में भी पार्टी के पक्ष में इसी तरह के जनसमर्थन का भरोसा जताया।
भैरों सिंह शेखावत की 130वीं जयंती पर मीडिया से बातचीत में गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह यात्रा कठिनाइयों और उतार-चढ़ाव से भरी थी, लेकिन भैरोंसिंह शेखावत ने अपने परिश्रम और राजनीतिक चातुर्य से इसे पूरा कर आदर्श प्रस्तुत किया।
गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान ही नहीं, उत्तर भारत की राजनीति में महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचे अनेक नेताओं ने भैरोंसिंह शेखावत के सान्निध्य और अनुभवों से सीखकर अपनी राजनीतिक यात्रा आगे बढ़ाई। जनप्रतिनिधियों सहित अनेक लोगों ने उनके साथ काम करके और उनकी कार्यशैली को करीब से देखकर बहुत कुछ सीखा है।
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि व्यक्ति कितना भी बड़ा पद हासिल कर ले, यदि वह अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है तो जीवनभर पुष्पित और पल्लवित होता रहता है। भैरोंसिंह शेखावत ऐसे ही राजनीतिक वटवृक्ष थे। उपराष्ट्रपति बनने के बाद भी उनका राजस्थान से गहरा जुड़ाव बना रहा। प्रदेश के गांवों, ढाणियों और पंचायतों तक उनके व्यक्तिगत संपर्क थे, जिन्हें उन्होंने ऊंचे पदों पर पहुंचने के बाद भी जीवंत रखा।
भैरोसिंह शेखावत को आधुनिक राजनीति का अजातशत्रु और लोकतांत्रिक व्यवस्था का आदर्श जनसेवक बताते हुए गजेन्द्र सिंह शेखावत ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि भैरोंसिंह शेखावत ने अंत्योदय योजना के माध्यम से गरीबों और जरूरतमंदों के कल्याण की अनूठी पहल की। वर्ष 1977 में मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने मुफ्त अनाज और काम के बदले पारिश्रमिक जैसी व्यवस्थाओं को लागू करने और सफलतापूर्वक संचालित करने की दिशा में काम किया। उनके प्रयासों ने आदर्श प्रशासनिक व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत किया।
गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि पंचायती राज चुनावों में पार्टी के चुनाव चिह्न के आधार पर चुनाव कराने की व्यवस्था भैरोंसिंह शेखावत का महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय था। इससे राजस्थान में भाजपा के विस्तार का रास्ता सुगम हुआ और पार्टी गांवों, ढाणियों, मजरों तथा आदिवासी क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बनाने में सफल रही।