
जोधपुर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने देश की युवा शक्ति पर भरोसा जताते हुए विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत का युवा कभी कठपुतली न था, न है और न कभी बनेगा। रविवार को शेखावत सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू हुए। युवाओं से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत युवाओं का देश है। केंद्र सरकार युवा शक्ति के सृजन, सशक्तीकरण और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी पर स्थिति स्पष्ट करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह किसी सरकार की इच्छा का परिणाम नहीं, बल्कि एक बड़ी वैश्विक चुनौती और अंतरराष्ट्रीय संकट का प्रभाव है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अंडमान-निकोबार दौरे और वहां संस्कृति व पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने संबंधी बयान पर शेखावत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी को पहले संस्कृति का 'स' सीखना चाहिए, उसके बाद ही उन्हें राष्ट्रीय और सांस्कृतिक विषयों पर टिप्पणी करनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 'हॉर्स ट्रेडिंग' संबंधी बयानों पर केंद्रीय मंत्री ने राजनीतिक और कानूनी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बंगाल में जनता ने भाजपा को दो-तिहाई से अधिक बहुमत देकर सरकार बनाने का आशीर्वाद दिया है, ऐसे में वहां भारतीय जनता पार्टी को हॉर्स ट्रेडिंग की आवश्यकता ही क्या है। शेखावत ने अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बंगाल का बहाना बनाकर राजस्थान के एक पुराने जिन्न को बोतल से बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों का इतिहास गवाह है कि जब-जब कांग्रेस आलाकमान सचिन पायलट को कोई नई जिम्मेदारी या पद देने का विचार करता है, तब-तब गहलोत इस मुद्दे को सामने ले आते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान पर भी शेखावत ने सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि विधायकों को 10-10 करोड़ रुपए दिए गए थे और वह राशि वापस नहीं हुई। शेखावत ने कहा कि यदि विधायकों ने पैसे लिए थे तो क्या वह भ्रष्टाचार की श्रेणी में नहीं आता? उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री रहते हुए गहलोत को इसकी जानकारी थी तो उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की। भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के अनुसार यदि किसी जिम्मेदार व्यक्ति को भ्रष्टाचार की जानकारी हो और वह कार्रवाई न करे तो वह भी कानूनन दोषी माना जा सकता है। अशोक गहलोत को जनता के सामने इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
जोधपुर में स्वतंत्रता सेनानी फतेहराज कल्ला की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की घटना पर शेखावत ने संवेदनशीलता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब कोई ढांचा या भवन जर्जर होकर दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तब उस पर राजनीति करना या ओछी टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय कल्ला पूरे शहर के लिए पूजनीय थे। सभी का प्रयास होना चाहिए कि उनकी भव्य प्रतिमा शीघ्र सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित हो तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
शेखावत ने सर्किट हाउस में जनसुनवाई भी की। उन्होंने कहा कि जब भी वे अपने गृह नगर जोधपुर आते हैं, तब यहां के लोगों से मिलना, उनकी समस्याएं सुनना और उनके समाधान का प्रयास करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता के बीच रहना और उनके कार्य करना उनका दायित्व है तथा वे केवल अपने इसी दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।