पत्रिका न्यूज़ नेटवर्कफलोदी. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत किसानों द्वारा लगाई जाने वाली फसलों की उत्पादकता बढ़ाने को लेकर किया जा रहे प्रयासों में कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा क्षेत्र में सरसों की फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए किए प्रयासों का असर अब नजर आने लगा है।
दरअसल इस परियोजना के अन्तर्गत क्षेत्र में चिन्हित किए गए गांवों में सरसों की गिरिराज किस्म का अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन लगाया गया था। अब इस किस्म के सकारात्मकपरिणाम सामने आने लगे है।
एक नजर परियोजना पर-
कृषि विज्ञान केन्द्र, फलोदी के मुख्य वैज्ञानिका डॉ. सेवाराम कुमावत व शस्य वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन पूनिया ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए तिलहन व दलहन फसलों में अच्छी गुणवत्ता के बीजों व नियंत्रित मात्रा में आदानों का प्रयोग किया जाता है। क्षेत्र में सरसों की फसल में उत्पादकता बढ़ाने के लिए कुल १२० हैक्टेयर भूमि पर भरतपुर के सरसों अनुसंधान निदेशालय द्वारा विकसित की गई गिरिराज किस्म का फसल प्रदर्शन दिया गया है। जिसमें ८ गांव मोखेरी, जालोड़ा, बैंगटी खुर्द, भोजकां, पल्ली प्रथम, ऊंटवालिया, कोलू, दयांकोर शामिल किए गए थे। इस गांवों में कुल २०० किसानों के यहां अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन दिया गया था। फसल पर पूरे समय केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा नियमित मॉनीटरिंग की गई।
मिले सुखद परिणाम -
डॉ. पूनिया ने बताया कि सरसों की फसल में अब तक ८ में से ४ गांवों में खेत दिवस कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों की प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। जिसमें गिरिराज किस्म के सुखद परिणाम मिले है। इस बीज की फसल में फलियों की संख्या अधिक होता है तथा बीमारियों का प्रकोप भी कम देखा गया है। (कासं)