Gold-Silver Price Update:वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब स्थानीय सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। बीते एक सप्ताह में सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
फलोदी। वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब स्थानीय सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। बीते एक सप्ताह में सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बाजार में अस्थिरता और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
जानकारी के अनुसार, इस अवधि में सोना करीब 18 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग 40 हजार रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई है। सोमवार को फलोदी में 24 कैरेट सोना 8 हजार रुपए टूटकर दो माह के निचले स्तर एक लाख 40 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी में भी 15 हजार रुपए की गिरावट दर्ज की गई और यह 2 लाख 12 हजार रुपए प्रति किलो पर आ गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, 19 जनवरी को सोना 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और 25 दिसंबर को चांदी 2.26 लाख रुपए प्रति किलो थी। जनवरी के अंत में तेजी के दौर में 29 जनवरी को चांदी 4 लाख रुपए प्रति किलो और सोना 1.85 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। बीते 51 दिन में सोना करीब 40 हजार रुपए यानी 22 प्रतिशत तक सस्ता हुआ है, जबकि चांदी में 1.80 लाख रुपये यानी लगभग 48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस तेजी से गिरावट ने निवेशकों और व्यापारियों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सर्राफा व्यापारियों के अनुसार, लगातार गिरती कीमतों के कारण ग्राहकों में असमंजस है। लोग खरीदारी करने से बच रहे हैं, जिससे बाजार में बिक्री कमजोर पड़ी है और कारोबार ठंडा हो गया है। जिन व्यापारियों ने ऊंचे दामों पर स्टॉक खरीदा था, उन्हें घाटा उठाना पड़ सकता है। शादी-ब्याह के सीजन के बावजूद बाजार में अपेक्षित रौनक नहीं दिख रही। ज्वैलर्स का कहना है कि ग्राहक फिलहाल इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं, जिससे बिक्री पर सीधा असर पड़ा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-इजरायल के बीच तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और डॉलर की मजबूती सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव डाल रहे हैं। महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को स्थिर रखने या बढ़ाने का रुख अपना सकते हैं, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
यदि युद्ध जैसी स्थिति बनी रहती है, तो आने वाले समय में भी गिरावट का दौर जारी रह सकता है। फिलहाल बाजार अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है और आने वाले दिनों में वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार ही सर्राफा बाजार की दिशा तय होगी।
सुनील कुमार सोनी, जिलाध्यक्ष, स्वर्णकारी हस्तकला विकास एवं शिक्षण संस्थान, फलोदी