
वनक्षेत्र देवकुंड में बढ़ता सीमेंट व कंक्रीट का जाल। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर खंडपीठ ने वनभूमि पर अतिक्रमण से जुड़ी जनहित याचिका में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को 24 मार्च तक प्रभावी कार्रवाई कर पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं।
वन विभाग के अनुसार, शहर के सात प्रमुख वनखंडों में वनभूमि पर कुल 9,526 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें हटाया जाना प्रस्तावित है। वन अधिकारियों का मानना है कि इन अवैध बस्तियों में बिजली और पानी के कनेक्शन कार्रवाई में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं, इसलिए पहले इन्हें काटने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
न्यायालय ने राज्य सरकार सहित वन विभाग, जिला कलक्टर, नगर निगम उत्तर और दक्षिण के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, जेडीए आयुक्त, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी), जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) और तहसीलदार सहित सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही वनभूमि की पहचान, सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को प्राथमिकता देने को कहा गया है। भविष्य में पुनः अतिक्रमण न हो, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आदेशों की अवहेलना होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी, जिसमें राज्य सरकार को विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
गौरतलब है कि राजस्थान सरकार के एडवोकेट जनरल कार्यालय, राजस्थान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जोधपुर के उपवन संरक्षक (डीएफओ) को बुधवार को जयपुर तलब किया था। बैठक में महाधिवक्ता ने अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत अनुपालना रिपोर्ट मांगी थी, जिसे 24 मार्च को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। वन विभाग की ओर से पहले ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब अंतिम चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया गया है कि स्वयं अतिक्रमण हटाएं, अन्यथा प्रशासन पुलिस बल के साथ कार्रवाई करेगा।
राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना में अब तक वन क्षेत्रों में लगभग 450 जल कनेक्शन काटे जा चुके हैं और आगे भी चिन्हित कनेक्शनों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में वनभूमि पर बसी बस्तियों में 300 से अधिक अवैध बिजली कनेक्शन हटाए जा चुके हैं। शेष चिन्हित कनेक्शनों पर भी शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
न्यायालय के निर्देशानुसार अद्यतन प्रगति रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट प्रस्तुत करने से पहले अतिरिक्त महाधिवक्ता के साथ कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। सभी संबंधित विभाग भी अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
Published on:
23 Mar 2026 02:40 pm
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