केन्द्र सरकार ने घोषणा की थी कि प्रदेश में २.८२ लाख मेट्रिक टन मूंगफली सरकार राजफैड-नैफेड के माध्यम से खरीदेगी।
जोधपुर . वादे के बावजूद सरकार ने समर्थन मूल्य पर मूंगफली की खरीद के मामले में किसानों से दगा किया है। सरकार ने लक्ष्य तय किया था कि राज्य में समर्थन मूल्य पर २.८२ लाख मेट्रिक टन मूंगफली किसानों से खरीदी जाएगी, लेकिन सरकार अब तक १.३७ लाख मेट्रिक टन मूंगफली ही खरीद पाई है। शुक्रवार को प्रदेश में मूंगफली की खरीद बंद हो जाएगी, एेसे में किसानों के पास बहुत बड़ी मात्रा में फसल बच जाएगी, जो समर्थन मूल्य के भाव के हिसाब से करीब १२०० रुपए प्रति क्विंटल कम भाव से बाजार में दलालो को बेची जाएगी। एेसे में किसानों को बड़ा घाटा उठाना पड़ेगा।
राज्य सरकार की लापरवाही से एेसा हुआ
केन्द्र सरकार ने घोषणा की थी कि प्रदेश में २.८२ लाख मेट्रिक टन मूंगफली सरकार राजफैड-नैफेड के माध्यम से खरीदेगी। इसका भाव भी ४४५० रुपए प्रति क्विंटल बोनस सहित रखा गया। खरीद का जिम्मा राज्य सरकार को सौंपा गया, लेकिन राज्य सरकार ने खरीद की उचित व्यवस्था नहीं की। १२० दिन खरीद होनी थी, यह खरीद केवल पचास दिन ही हुई। २ अक्टूबर को खरीद शुरू की गई। बीच में कई बार खरीद बंद कर दी गई। किसानों से खरीद का समय बढ़ाने की मांग की तो १ से ४ फरवरी तक खरीद का समय बढ़ाया। फिर किसानों ने दबाव बनाया तो खरीद का समय ९ फरवरी तक बढ़ाया।
लेकिन आठ फरवरी शाम तक प्रदेश में १.३७ लाख मेट्रिक टन मूंगफली ही राजफैड खरीद पाया। आज यह खरीद बंद हो जाएगी, एेसे में यह लक्ष्य पूरा नहीं होगा। किसानों के पास बची फसल अब दलालों के पास बिकेगी, इससे प्रदेश के किसान को करीब २०० करोड़ रुपए का दाम कम मिलेगा। भारतीय किसान संघ आंदोलन संयोजक तुलछाराम सिंवर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की लापरवाही से एेसा हुआ है, इसका किसान संघ ने पहले ही अंदेशा जताया था। अब सरकार को भावांतर योजना लागू करनी चाहिए।
इतना ही माल खरीद पाएंगे
मूंगफली का २.८२ लाख मेट्रिक टन खरीद का लक्ष्य था। लेकिन १.३७ लाख मेट्रिक टन ही खरीद पाए। ९ फरवरी को खरीद बंद हो जाएगी। तय समय में इतना ही माल खरीद पाए।
- संजय माथुर, प्रभारी, राजफैड, जयपुर