जोधपुर-पाली मार्ग पर कांकाणी में 400 केवी जीएसएस का शिलान्यास दिसम्बर 2014 में किया गया था। इसे 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य था।
जोधपुर. पश्चिमी राजस्थान में बनने वाली बिजली से उसी क्षेत्र के गांव-शहरों को रोशन करने के लिए चार साल पहले शुरू किया गया प्रोजेक्ट अब तक अधर में है। इसके तहत जिस 400 केवी ग्रिड सब स्टेशन का निर्माण पिछले साल पूरा होना था वह ठेका कंपनी विवाद और उपकरण सप्लाई में देरी से लेटलतीफी की भेंट चढ़ता जा रहा है। हालांकि दावा किया जा रहा है ग्रिड सब स्टेशन को अगले माह तक चार्ज कर दिया जाएगा। जोधपुर-पाली मार्ग पर कांकाणी में 400 केवी जीएसएस का शिलान्यास दिसम्बर 2014 में किया गया था। इसे 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य था। निर्माण शुरू होते ही ठेका कंपनी और राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के बीच विवाद के कारण करीब डेढ़ साल तक काम रुका रहा। इसके बाद कंपनी बदली तो उपकरण की धीमी सप्लाई परेशान किए हुए है। पश्चिमी राजस्थान ग्रीन कॉरिडोर कहलाता है। यहां सोलर और विंड मिल से बनी बिजली का उत्पादन, प्रसारण और उपयोग होता है। इसे प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया था। इससे पहले जो हाई ग्रिड सब स्टेशन चल रहे हैं उनकी क्षमता कम हो गई है।
एक हजार मेगा वाट बिजली प्रसारित होगी
वर्तमान में जोधपुर के सुरपुरा 400 केवी जीएसएस है। उसकी क्षमता कम होने के कारण कांकाणी जीएसएस की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यहां से 1000 मेगा वाट बिजली अन्य छोटे जीएसएस को सप्लाई की जाएगी। इससे पाली, जालोर और जोधपुर जिले के साथ बाड़मेर के कुछ हिस्सों को भी राहत मिलेगी।
प्रोजेक्ट एक नजर में
- 400 केवी ग्रिड स्टेशन जीएसएस कांकाणी।
- 2014 में शिलान्यास हुआ था।
- 400 करोड़ से अधिक का प्रोजेक्ट।
- 140 बीघा जमीन पर बना है यह प्रोजेक्ट।
- 2017 तक पूरा करना था काम।
- 1 माह में इसको शुरू करने का दावा।
अगले माह हो जाएगा पूरा
राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के अधीक्षण अभियंता एनके माथुर ने बताया कि कांकाणी 400 केवी जीएसएस का काम लगभग पूरा हो गया है। पहले जो ठेका कंपनी थी उसको हटा कर नई फर्म को काम दिया गया था। अगले माह तक इसका काम पूरा कर देंगे। यह पश्चिमी राजस्थान के बिजली सिस्टम को मजबूत करने में उपयोगी होगा।
इनका कहना...
पश्चिमी राजस्थान का क्षेत्र हमारा ग्रीन कॉरिडोर है। सोलर और विंड मिल की बिजली का उपयोग करते हैं। अन्य बिजली भी प्रसारित होती है लेकिन ग्रीन एनर्जी का उपयोग अधिक करते हैं। कांकाणी जीएसएस से भी ग्रीन एनर्जी प्रसारित करेंगे।
बीपी चौहान, मुख्य अभियंता, जोन जोधपुर, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड