जोधपुर

Ground Report: तीसरे चरण का पानी नहीं मिला तो जोधपुर में दिसंबर से गहराएगा जल संकट, कायलाना-तखतसागर पर बड़ी चेतावनी

जोधपुर शहर में अब तक हर साल गर्मी के साथ शुरू होने वाला जल संकट इस बार सर्दी में ही दस्तक दे सकता है। कायलाना और तखतसागर में लगातार घटते जल भंडारण और प्रतिदिन मिल रहे कम पानी के कारण दिसंबर के बाद ही हालात बिगड़ने की आशंका है।
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Oct 04, 2026
kaylana and takhatsagar
शहर के प्रमुख जलाशय कायलाना-तखतसागर में घटते जलस्तर का दृश्य (पत्रिका फोटो)

Jodhpur Water Crisis: जोधपुर शहर में अब तक हर साल गर्मी के साथ शुरू होने वाला जल संकट इस बार सर्दी में ही दस्तक दे सकता है। कायलाना और तखतसागर जलाशयों में लगातार घटते जल भंडारण और प्रतिदिन कम पानी मिलने के कारण दिसंबर के बाद से ही हालात बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल के तीसरे चरण से अपेक्षित पानी नहीं मिला, तो अगले साल गर्मियों में जल संकट और गंभीर हो सकता है।

5 दिन में एक बार लिया जा रहा शटडाउन

शहर की जलापूर्ति व्यवस्था में कायलाना-तखतसागर की अहम भूमिका है। दोनों जलाशयों में पानी बचाने के लिए हर पांच दिन में एक बार शटडाउन लिया जा रहा है। इसका उद्देश्य मार्च तक करीब 350 एमसीएफटी पानी सुरक्षित रखना है, ताकि गर्मी के महीनों में शहर की जलापूर्ति प्रभावित न हो। इसके बावजूद इस साल स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है।

कायलाना और तखतसागर में पानी का भंडारण घटा

दरअसल, इस बार नहरबंदी से पहले ही कायलाना और तखतसागर में पानी का भंडारण 300 एमसीएफटी तक भी नहीं पहुंच पाया था। इसी वजह से नहरबंदी के अंतिम कुछ दिनों में पानी को लेकर परेशानी सामने आई थी। अब शटडाउन के जरिए पानी बचाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जलाशयों में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो रही है।

अभी 200 एमसीएफटी भी नहीं पानी

वर्तमान में कायलाना-तखतसागर दोनों जलाशयों में करीब 180 से 190 एमसीएफटी पानी ही संग्रहित है। शटडाउन के बावजूद जल भंडारण में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने से आने वाले महीनों को लेकर चिंता बढ़ गई है। उपलब्ध पानी लगातार कम होने की स्थिति बनी रही तो शहर में जलापूर्ति व्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है।

आमतौर पर जोधपुर में मार्च से जल संकट की शुरुआत मानी जाती है। गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग भी बढ़ जाती है। लेकिन इस बार मौजूदा जल भंडारण और पानी की उपलब्धता को देखते हुए दिसंबर के बाद से ही किल्लत सामने आने की आशंका है। अगले साल नहरबंदी के दौरान स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

तीसरे चरण पर टिकी उम्मीद

फिलहाल शहर की उम्मीद राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल के तीसरे चरण से मिलने वाले पानी पर टिकी है। यदि तीसरे चरण से अपेक्षित पानी नहीं मिला तो दिसंबर से ही जल संकट गहराने की आशंका है। जलाशयों में अभी करीब 180-190 एमसीएफटी पानी है और हर पांच दिन में शटडाउन लेकर पानी बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मार्च तक करीब 350 एमसीएफटी पानी सुरक्षित रखने का लक्ष्य है, लेकिन इस बार नहरबंदी से पहले भंडारण 300 एमसीएफटी तक भी नहीं पहुंच पाया था।

Updated on:
04 Oct 2026 02:28 pm
Published on:
04 Oct 2026 02:28 pm