- सात सौ किलो अवैध गांजा जब्त करने के बाद से था फरार
जोधपुर.
जोधपुर ग्रामीण पुलिस की जिला विशेष टीम डीएसटी ने सात सौ किलो अवैध गांजा तस्करी के मामले में दो वर्ष से फरार हिस्ट्रीशीटर को पकड़ लिया। उस पर 40 हजार रुपए का इनाम था और वह जिले के टॉप-10 वांटेड में शामिल था।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) धर्मेन्द्रसिंह यादव ने बताया कि शेरगढ़ थाना पुलिस ने वर्ष 2022 में सात सौ किलो अवैध गांजा जब्त किया था। आरोपी पवन गुरु फरार हो गया था। तब से उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस महानिरीक्षक रेंज जोधपुर ने उसकी गिरफ्तारी के संबंध में सूचना देने पर 40 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। उसको पकडऩे के लिए मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, रायपुर व अन्य जगहों पर तलाश की गई थी, लेकिन वह बचकर निकल जाता था।
इस बीच, डीएसटी के कांस्टेबल सेठाराम को उसके गांव बालेसर में अपने पैतृक मकान पर आने की सूचना मिली। डीएसटी प्रभारी एसआई करणीदान के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल चिमनाराम व टीम ने घर की घेराबंदी की। इसका पता लगते ही वह अपने मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में पलंग के नीचे कार्टनों के बीच छुप गया। उसके मकान में होने की पुख्ता सूचना थी। इसलिए पुलिस ने मकान का कोना-कोना छान मारा। तब वह पलंग के नीचे छुपा मिला। उसे पकड़कर बालेसर थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पूछताछ के बाद बालेसर निवासी पवन गुरु पुत्र सुमेरचन्द्र को गिरफ्तार किया गया। गांजा तस्करी के संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है।
आरोपी के खिलाफ वर्ष 2011 से अब तक आठ मामले दर्ज हैं। इनमें लूट, अपहरण, मारपीट, हत्या के प्रयास व एनडीपीएस एक्ट के मामले शामिल हैं। वह शेरगढ़ थाने का हिस्ट्रीशीटर है। कार्रवाई में डीएसटी के हेड कांस्टेबल श्रवण कुमार भंवरिया, भवानी चौधरी, मोहनराम, गोपालराम आदि शामिल थे।