जोधपुर

Jodhpur News: डेढ़ साल पहले हुई थी शादी, बेटी को ससुराल से ले गया पिता, दूसरी जगह विवाह कराने का आरोप

जोधपुर में एक शादीशुदा महिला को उसके पिता के ससुराल से वापस ले जाने और बाद में दूसरी जगह शादी कराने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पति की शिकायत के बाद 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
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Jul 02, 2026
aata sata wedding
प्रतीकात्मक तस्वीर

जोधपुर। जिले के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में एक मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि एक पिता अपनी शादीशुदा बेटी को ससुराल से वापस ले गया और बाद में उसकी दूसरी शादी करवा दी। मामले में पहले पति ने कोर्ट के आदेश पर अपने ससुर समेत 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। प्रतापनगर थाना प्रभारी भवानी सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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रिपोर्ट के अनुसार अरुण प्रजापत की शादी नवंबर 2023 में पोकरराम की बेटी लीला के साथ हुई थी। अरुण का कहना है कि शादी के बाद करीब डेढ़ साल तक दोनों परिवारों के बीच सब कुछ सामान्य रहा। उसने आरोप लगाया कि बाद में उसके ससुर ने अपने बेटे नरेश की सगाई कराने की बात कही। अरुण के अनुसार शादी से पहले ऐसी कोई शर्त नहीं थी। शिकायत में कहा गया है कि जुलाई 2025 में पोकरराम कुछ लोगों के साथ उसके घर आया। उसने कथित तौर पर कहा कि या तो आटा-साटा में लड़की दो या 15 लाख रुपए दो। अरुण के परिवार ने इससे इनकार कर दिया।

न्यायालय में इस्तगासा पेश किया

इसके बाद पोकरराम अपनी बेटी लीला को अपने साथ ले गया। अरुण का आरोप है कि इसके बाद उसके परिवार ने कई बार लीला को वापस भेजने की बात की, लेकिन ससुराल पक्ष नहीं माना। फरवरी 2026 में उसे पता चला कि लीला की शादी मुकेश नाम के व्यक्ति से कर दी गई है। अरुण ने बताया कि पहले पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद उसने न्यायालय में इस्तगासा पेश किया। कोर्ट के आदेश पर अब पोकरराम समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

कोर्ट ने की थी टिप्पणी

बता दें कि हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने क्रूरता के आधार पर विवाह विच्छेद की डिक्री पारित करते हुए कहा था कि नाबालिग बच्चों से जुड़ी आटा-साटा प्रथा बच्चों, विशेषकर लड़कियों को वैवाहिक सौदेबाजी का माध्यम बना देती है। न्यायाधीश अरुण मोंगा और न्यायाधीश सुनील बेनीवाल की खंडपीठ ने पत्नी की ओर से दायर अपील स्वीकार करते हुए बीकानेर फैमिली कोर्ट के 24 सितंबर 2025 के आदेश को रद्द कर दिया था। फैमिली कोर्ट ने हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत दायर तलाक याचिका खारिज कर दी थी।

Updated on:
02 Jul 2026 03:55 pm
Published on:
02 Jul 2026 03:54 pm