चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने वाली देश की तीसरी आईआईटी
जोधपुर. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर IIT Jodhpur चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इसकी शुरुआत इस साल से बीएससी बीएड पाठ्यक्रम से होगी। अगले साल बीए बीएड शुरू होने की उम्मीद है। देश की यह तीसरी आईआईटी है जिसमें चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इससे पहले आईआईटी खड़कपुर और आईआईटी चैन्नई में चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
आईआईटी जोधपुर के नए निदेशक डॉ अविनाश कुमार अग्रवाल ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आईआईटी जोधपुर में संचालित सेंटर ऑफ एजुकेशन एण्ड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (सीईटीई) की ओर से टीचिंग का मॉडल तैयार किया जाएगा। इस मॉडल को बाद में अन्य आईआईटीज में भी लागू किया जा सकता है। इससे देशभर में बेहतर शिक्षक तैयार होंगे जिससे स्कूली शिक्षा के स्तर में सुधार होगा। वर्तमान में स्कूली शिक्षा के स्तर में सुधार की महत्ती आवश्यकता है।
एक प्रश्न के उत्तर में डॉ अग्रवाल ने कहा कि कोटा में छात्रों की सुसाइड एक सामाजिक समस्या है। देशभर में इंजीनियरिंग की लगभग 40 लाख सीटें है। गुणवत्तापूर्वक शिक्षा नहीं होने से करीब 15 लाख सीटें खाली रह जाती है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि स्टूडेंट्स को जॉब सीकर नहीं होकर जॉब प्रोडयूसर होना चाहिए। आईआईटी जोधपुर में अब स्टार्ट अप, इनोवेशन, यूनीकॉर्न और एंट्रीप्रेन्योशिप को प्राथमिकता दी जाएगी। प्लेसमेंट सैकेण्डरी होगा। ऐसा इकोसिस्टम विकसित करेंगे कि स्टूडेंट्स खुद का इनोवेशन करके दूसरों को जॉब देवें।
- जोधपुर और राजस्थान की प्रमुख समस्याओं पर सरकार के साथ चर्चा करेंगे, उनका समाधान का प्रयास करेंगे।
- जोधुपर का आसमां साफ रहता है। ऐसे में एस्ट्रोफिजिक्स और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में यहां काम किया जाएगा।
- डिफेंस के क्षेत्र में थिंक टैंक विकसित किया जाएगा। इसके लिए आर्मी, एयरफोर्स और नेवी तीनों से चर्चा की जाएगी।
- इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए लीडरशिप डवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया जाएगा।
- ग्रामीण विकास, धरोहर संरक्षण, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक जिला एक उत्पाद जैसी योजना को बढ़ावा दिया जाएगा।