प्रोफेसर डॉ. अविनाश कुमार अग्रवाल ने बुधवार को आईआईटी जोधपुर में नए निदेशक का पदभार संभाल लिया। उन्होंने निवर्तमान निदेशक प्रो शांतनु चौधरी से कार्यभार ग्रहण किया।
जोधपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. अविनाश कुमार अग्रवाल ने बुधवार को आईआईटी जोधपुर में नए निदेशक का पदभार संभाल लिया। उन्होंने निवर्तमान निदेशक प्रो शांतनु चौधरी से कार्यभार ग्रहण किया।
प्रो अग्रवाल का कार्यकाल पांच वर्ष होगा। विशेष बात यह है कि पहली बार आईआईटी जोधपुर का निदेशक राजस्थानी मूल का व्यक्ति बना है। इस मौके पर उन्होंने आईआईटी के शिक्षकों और कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अगले पांच साल में आईआईटी जोधपुर को देश की टॉप-5 आईआईटीज में लाने का प्रयास करेंगे। वर्तमान में आईआईटी जोधपुर की रैंक 30 है।
डॉ. अग्रवाल मूल रूप से करौली के रहने वाले हैं और वर्तमान में जयपुर में रहते हैं। जयपुर के मालवीय क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया। आईआईटी दिल्ली से एमटेक और पीएचडी की। ईआरसी, यूडब्ल्यू, मेडिसन, संयुक्त राज्य अमेरिका में पोस्ट-डॉक्टरल फ़ेलोशिप पूरी कर बतौर फैकल्टी आईआईटी कानपुर में प्रवेश किया। डॉ. अग्रवाल अक्षय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) बायोफ्यूल, हाईड्रोजन, सीएनजी पर काम करते हैं। उन्होंने बायोफ्यूल का आईसी इंजन भी बनाया है। उन्होंने 2016 में भारत में विज्ञान के क्षेत्र में सबसे बड़ा पुरस्कार शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार जीता है।
1. उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी में भूमिका
2. राष्ट्रीय रक्षा नीति की पॉलिसी में भागीदारी
3. जोधपुर के लिए शहरी नियोजन
4. प्रदेश में जल संरक्षण पर शोध
5. पर्यावरण संरक्षण और उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर करना
आईआईटी जोधपुर के पहले निदेशक डॉ. पीके कालरा (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) थे। इसके बाद प्रो सीवीआर मूर्ति (सिविल इंजीनियरिंग) निदेशक बने। तीसरे व निवर्तमान निदेशक प्रो शांतनु चौधरी इलेक्ट्िकल इंजीनियरिंग से थे। चौथे निदेशक डॉ. अविनाश कुमार अग्रवाल मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्षेत्र से हैं।