
जोधपुर. करवड़ स्थित आयुर्वेद विश्वविद्यालय की छात्राओं से छेड़छाड़ और सोशल मीडिया पर अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में पुलिस ने असिस्टेंट प्रोफेसर अजीतसिंह चारण (29) को गिरफ्तार किया है। छात्राओं की शिकायत के अनुसार, आरोपी व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम पर उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजकर परेशान करता था। आरोप है कि उससे बात नहीं करने पर वह छात्राओं को धमकी भी देता था। करवड़ पुलिस ने मामला दर्ज होने के करीब 18 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
थानाधिकारी परमेश्वरी ने बताया कि छात्राओं की रिपोर्ट के आधार पर अजीतसिंह चारण के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपी सीकर जिले के लोसल का रहने वाला है और विश्वविद्यालय के शरीर रचना विभाग का असिस्टेंट प्रोफेसर है। छात्राओं ने अपनी शिकायत में आरोपी के व्यवहार और सोशल मीडिया पर भेजे गए संदेशों को लेकर आपत्ति जताई थी। पुलिस अब शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस उपायुक्त जोधपुर पूर्व मनीष कुमार चौधरी के निर्देशन में टीम गठित की गई। थानाधिकारी परमेश्वरी के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। इस दौरान मुखबिर से उसके मंडोर थाना क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने बताए गए क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी को दस्तयाब कर लिया।
शनिवार को आयुर्वेद विश्वविद्यालय में छात्राएं लेक्चरर के खिलाफ शिकायत लेकर कुलगुरु कार्यालय पहुंचीं। छात्राओं ने अपनी परेशानी बताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इस दौरान एक छात्रा की तबीयत भी बिगड़ गई। मामला बढ़ता देख कुलगुरु डॉ. गोविंद सहाय शुक्ला ने छात्राओं से बातचीत की और उनकी शिकायत सुनी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी लेक्चरर डॉ. अजीत सिंह चारण को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का फैसला लिया। साथ ही, पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी भी बनाई गई। कुलगुरु ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी।
छात्राओं ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि लेक्चरर उन पर निजी संबंध बनाने के लिए दबाव डालता था। वह उन्हें कमरे पर आने के लिए कहता और दोस्ती करने की बात करता था। छात्राओं के मुताबिक, आरोपी कहता था कि अगर उन्हें टॉपर बनना है तो उसकी बात माननी पड़ेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लेक्चरर उनके पहनावे और शारीरिक बनावट को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था। शिकायत के साथ छात्राओं ने कुछ व्हाट्सऐप चैट भी विश्वविद्यालय प्रशासन को दी हैं। इन चैट के आधार पर उन्होंने आरोपी के व्यवहार की शिकायत की और कार्रवाई की मांग की।