
जोधपुर. भावी ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव में 150 बैलेट पेपर चोरी के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि सरपंच प्रत्याशी के पुत्र एवं छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सुनील चौधरी ने दो मतदान अधिकारियों के साथ मिलकर बैलेट पेपर चोरी की साजिश रची थी। चोरी के बाद हंगामा होने पर सहायक मतदान अधिकारी ने सुनील को वॉट्सऐप कॉल कर बैलेट पेपर वापस मंगवाए थे। निलंबित मतदान अधिकारी एवं स्कूल व्याख्याता जगदीश सारण और सहायक मतदान अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षक सहीराम बिश्नोई से पूछताछ में यह खुलासा हुआ।
पुलिस ने मामले में कुछ अन्य लोगों को भी नामजद किया है। वृत्ताधिकारी (बिलाड़ा) मनीष देव ने बताया कि दोनों मतदान अधिकारियों को 1 नवंबर को गिरफ्तार कर दो-दो दिन के रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि पूरी होने पर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार पंचायत चुनाव के लिए मतदान अधिकारी और कर्मचारी 27 अक्टूबर को भावी पहुंच गए थे। 30 अक्टूबर को मतदान होना था। इससे एक दिन पहले सरपंच प्रत्याशी सोहनीदेवी के पुत्र सुनील ने मतदान कार्मिकों से संपर्क किया और बैलेट पेपर चोरी की साजिश रची गई। इसमें रुपए के लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
30 अक्टूबर को 150 बैलेट पेपर चोरी होने का पता लगते ही ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया था। मामला बढ़ता देख कृषि पर्यवेक्षक सहीराम ने सुनील को वॉट्सऐप कॉल कर बैलेट पेपर वापस मंगवाए। इन बैलेट पेपर पर सुनील की मां के नाम और चुनाव चिह्न के सामने मुहर लगी हुई थी। पुलिस ने दोनों मतदान अधिकारियों के साथ सुनील का मोबाइल भी जब्त किया है। वॉट्सऐप कॉल की डिलीट की गई डिटेल रिकवर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बैलेट पेपर चोरी के बाद भावी ग्राम पंचायत का सरपंच चुनाव निरस्त कर दिया गया था। 2 नवंबर को पुनर्मतदान की घोषणा की गई थी, लेकिन 1 नवंबर को बिलाड़ा थाने पर पथराव, लाठीचार्ज, तोड़फोड़ और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बाद गांव में तनाव के चलते पुनर्मतदान स्थगित कर दिया गया। फिलहाल गांव में शांति है, लेकिन पुनर्मतदान की तारीख घोषित नहीं हुई है।