जोधपुर

जोधपुर केमिकल फैक्ट्री अग्निकांड: 70 प्रतिशत झुलसे तीसरे दमकलकर्मी की मौत

जोधपुर केमिकल फैक्ट्री अग्निकांड में तीसरे दमकलकर्मी प्रदीप की मौत हो गई। इससे पहले सुरेंद्र और प्रीतेश की जान जा चुकी है। तीनों 70 प्रतिशत से ज्यादा झुलसे थे।
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Sep 28, 2026
jodhpur chemical factory fire
मृतक दमकलकर्मी प्रदीप (पत्रिका फोटो)

Jodhpur Chemical Factory Fire: जोधपुर जिले के बासनी स्थित गणेश नगर श्रमिक कॉलोनी की हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में 23 सितंबर को हुए आग और ब्लास्ट के हादसे में सोमवार को दो और फायर फाइटर्स की मौत हो गई। इलाज के दौरान सुरेंद्र (22) और प्रदीप ने दम तोड़ दिया। दोनों गंभीर रूप से झुलसे थे और वेंटिलेटर पर भर्ती थे। हादसे में अब तक तीन फायर फाइटर्स की मौत हो चुकी है।

महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी के मुताबिक, सुरेंद्र करीब 60 प्रतिशत झुलस गए थे। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन सोमवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, प्रदीप 70 प्रतिशत से अधिक झुलसे थे। उन्होंने सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे दम तोड़ दिया। इससे पहले 26 सितंबर को फायर फाइटर प्रीतेश की इलाज के दौरान मौत हुई थी। इस तरह हादसे में जान गंवाने वाले फायर फाइटर्स की संख्या तीन हो गई है।

मृतक दमकलकर्मी सुरेंद्र मेघवाल

जयपुर में 6 और जोधपुर में 4 घायल भर्ती

डॉ. भाटी ने बताया कि जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती छह मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है। वहीं, महात्मा गांधी अस्पताल में प्रवीण, कुणाल, दुर्गेश और विनय का इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार घायल फायर फाइटर्स की लगातार निगरानी की जा रही है।

मृतकों के परिवार को 20 लाख, घायल फायर फाइटर्स को 5 लाख की सहायता

हादसे के बाद राज्य सरकार ने मृतक और घायल फायर फाइटर्स के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। कलेक्टर आलोक रंजन के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले फायर फाइटर के परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने की बात कही गई है।

वहीं, हादसे में घायल फायर फाइटर्स को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी। कलेक्टर ने बताया कि घायल कर्मचारी इलाज के बाद यदि काम पर लौटने की स्थिति में नहीं होते हैं, तो उनके परिवार के एक सदस्य को भी संविदा पर नौकरी देने का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

मृतक दमकलकर्मी प्रदीप

23 सितंबर को लगी थी आग, केमिकल ड्रम में ब्लास्ट से झुलसे फायर फाइटर्स

दरअसल, बासनी के गणेश नगर श्रमिक कॉलोनी स्थित हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में 23 सितंबर की शाम करीब 5:30 बजे आग लगी थी। सूचना मिलते ही करीब 35 फायर फाइटर्स की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। इसी दौरान फैक्ट्री की छत से एक पत्थर केमिकल से भरे ड्रम पर जा गिरा। इसके बाद जोरदार ब्लास्ट हुआ और कई फायर फाइटर्स इसकी चपेट में आकर झुलस गए। साथी फायर फाइटर्स ने घायलों को पिकअप और दमकल वाहनों से अस्पताल पहुंचाया।

रात में एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड भी पहुंची

फैक्ट्री में आग की स्थिति इतनी गंभीर थी कि रात 11 बजे के बाद एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड टीम को भी मौके पर बुलाना पड़ा। 24 सितंबर सुबह करीब 5 बजे आग पर काबू पाया गया, लेकिन दो घंटे बाद सुबह करीब 7 बजे आग फिर धधक उठी। फायर ब्रिगेड की टीम ने दोबारा कार्रवाई कर आग को नियंत्रित किया।

हादसे में झुलसे 14 कर्मचारियों में से गंभीर रूप से घायल छह फायर फाइटर्स को बेहतर इलाज के लिए जोधपुर से जयपुर भेजा गया था। इसके लिए करीब 350 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था और एंबुलेंस के जरिए उन्हें एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया।

Updated on:
28 Sept 2026 05:53 pm
Published on:
28 Sept 2026 04:40 pm