- लेखाकर्मी व तत्कालीन एमडी पर भी दस्तावेजों में गड़बड़ी करने के आरोप
जोधपुर.
पश्चिमी राजस्थान दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (सरस डेयरी) में राज्य सरकार की ओर से दुग्ध उत्पादकों को दिए जाने वाले अनुदान में गबन किया गया है। दस्तावेजों में गड़बड़ी करके अक्टूबर 2022 में लेखाकर्मी की पत्नी व बहन के बैंक खातों में 4.33 लाख रुपए जमा करवाए गए। उधर, लेखाकर्मी का दावा है कि यह राशि डेयरी में वापस जमा करवाई जा चुकी है।
पुलिस के अनुसार पश्चिमी राजस्थान दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष रामलाल पुत्र पप्पाराम बिश्नोई ने डेयरी के लेखाकर्मी पंकज तिवारी, उसकी पत्नी लिना व बहन सरिता, तत्कालीन प्रबंध संचालक सुधीर शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि राज्य सरकार ने एक फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध संकलन के लिए दो रुपए प्रति लीटर अनुदान शुरू किया था, जिसे अप्रेल 2022 में पांच रुपए प्रति लीटर कर दिया गया था। दुग्ध उत्पादकों की सूची दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां ही कृषक संगठन संघ को भेजती थी। इस पर अनुदान राशि दुग्ध उत्पादकों के बैंक खातों में जमा की जाती थी। आरोप है कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 1 अक्टूबर 2022 को लेखाकर्मी पंकज की पत्नी लिना के नाम 3,23,126 रुपए का चेक और बहन के नाम 1,00,990 रुपए का एक अन्य चेक जारी किया गया था, जो बैंक में जमा हो गए थे। जबकि दोनों बैंक धारक दुग्ध उत्पादक नहीं हैं।
उधर, लेखाकर्मी पंकज तिवारी का कहना है कि संघ के चेयरमैन रामलाल खुद भी आरोपी हैं। वर्ष 2016 से जांच चल रही है। जो अभी तक पैंडिंग है। यूओ नोट भी जारी हो रखा है। उन्होंने दो जिलों में राशि उठाई है। बहन व पत्नी ने खातों में जमा राशि वापस डेयरी में जमा करवा दी है।
एफआइआर में आरोप है कि 7 नवम्बर 2022 को संचालक मण्डल की बैठक में तत्कालीन एमडी शर्मा ने किसानों को नौ लाख रुपए अनुदान का भुगतान करने की जानकारी दी थी, जो गलत थी। जबकि 4.33 लाख रुपए इन दो महिलाओं के खातों में जमा करवाई गई थी।