तीन आरोपी जेल में, एक फिर गिरफ्तार, चौथा रिमाण्ड पर, चालक की कार जब्त
जोधपुर . शहर के व्यवसायी व आमजन पिछले मार्च से दहशत में हैं। अवैध वसूली के लिए नित नए व्यवसायी को धमकीभरे फोन आ रहे हैं। दो मार्च से अब तक नौ व्यक्तियों को धमकियां मिलने की एफआईआर दर्ज हो चुकी है। कुछ एेसे व्यवसायी भी हैं, जो रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस तक नहीं पहुंचे। इन सभी के पीछे लॉरेंस के गुर्गे हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट के साथ ही जिले के हार्डकोर कैलाश मांजू की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जाती है। सात-आठ महीने बीतने के बावजूद पुलिस इन दोनों को पकड़ पाने में विफल रही है। पुलिस का भी मानना है कि इन दोनों के पकड़ में आने के बाद शहर में धमकियां मिलना बंद हो जाएंगी।
किसी पर चली गोलियां तो कोई भयभीत
दो मार्च से अब तक ट्रैवल्स मालिक मनीष जैन, डॉ. सुनील चाण्डक, वासुदेव इसरानी, गोवर्धन भण्डारी, महामंदिर में जूनी बागर निवासी अधिवक्ता, मण्डोर निवासी युवक, ज्वैलर मुकेश सोनी व प्रोपर्टी व्यवसायी दिलीप सिंधी को धमकी भरे फोन मिल चुके हैं। मनीष, डॉ. चाण्डक व भण्डारी के बंगलों पर गोलियां चल चुकी हैं, तो सुरक्षा के बावजूद वासुदेव की हत्या कर दी गई थी। अब पुलिस जिन्हें धमकी मिल रही है उन्हें सुरक्षा मुहैया करवा रही है।
आरोपियों की तलाश में फिर पंजाब पहुंची पुलिस
उधर, हरेन्द्र जाट, काली राजपूत व वासुदेव इसरानी को गोली मारने के आरोपी भोमाराम विश्नोई की तलाश में पुलिस की टीमें फिर पंजाब पहुंची। आशंका है कि लॉरेंस के फरार गुर्गे पंजाब में छिपे हैं। स्थानीय पुलिस की मदद से संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की गई, लेकिन आरोपियों का पता नहीं लगा।
हिस्ट्रीशीटर के साथ गिरफ्तार हुआ था भोमाराम
१७ सितम्बर की रात सरदारपुरा सी रोड पर खुद के शोरूम के बाहर वासुदेव इसरानी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीन सप्ताह से अधिक समय बाद भी मुख्य आरोपी भीमसागर निवासी भोमाराम विश्नोई के बारे में पुलिस के पास सुराग नहीं है। भोमाराम को अंतिम मर्तबा गत वर्ष दिसम्बर में सदर बाजार थानाधिकारी डॉ. गौतम डोटासरा ने मारपीट के एक मामले में हिस्ट्रीशीटर उदित सोनी के साथ गिरफ्तार किया था। कोर्ट में भी चालान पेश हो चुका है।
शिनाख्त के बाद एक आरोपी फिर गिरफ्तार
सरदारपुरा थानाधिकारी भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि रिमाण्ड पर चल रहे विनोद उर्फ विक्की प्रजापत, हरीश प्रजापत व चालक नरपतलाल जोशी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए। नरपत लाल की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त इनोवा जब्त की गई है। शिनाख्त परेड के बाद श्यामसुंदर प्रजापत को फिर से गिरफ्तार किया गया है। देचू थानान्तर्गत चामूं में पण्डितों का बास निवासी समुन्द्र सिंह पुत्र राजू सिंह को कोर्ट में पेश कर दो दिन का रिमाण्ड लिया गया है।