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जोधपुर . अनुसूचित जाति जनजाति के विशिष्ट न्यायालय के न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा की अदालत में नाबालिग लड़की के साथ यौन दुराचार के आरोपी आसाराम की ओर से पेश होने वाले गवाह के इस रोग के जकड़े होने के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अरे आप हैरान न हों कि यह रोग कौनसा है। इस गवाह को डेंगू होने की जानकारी बचाव पक्ष के वकीलों ने दी इस कारण मंगलवार को मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। बचाव पक्ष की ओर से आज फोन काल रिकार्डिंग के सम्बन्ध में रिलाइंस कम्यूनिकेशन के नोडल अधिकारी के बयान दर्ज करवाए जाने थे। बुद्धवार को इसी मामले की फिर सुनवाई होगी।
फिर उमड़ी भक्तों की भीड़
कार्तिक मास के चलते आज आसाराम के भक्त बड़ी संख्या में कोर्ट परिसर में आ पहुंचे। बहुत शांत नजर आ रहे आसाराम को कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर ढाई बजे कोर्ट में पेश किया गया। इससे पूर्व ही कई भक्त और समर्थक जिसमें ज्यादातर बाहरी महिलाएं थीं, कोर्ट परिसर में पहुंच गईं। पुलिस ने फटकार कर सभी को खदेड़ा।
कुछ दिन पहले कहा था सिरदर्द से परेशान हूं
पिछली दफा कोर्ट में आते समय आसाराम ने कहा कि सिरदर्द से परेशान हूं। सिर में अक्सर दर्द रहता है और सब ठीक है। अपनी जमानत पर उन्होंने कहा कि अब तो एक-दो गवाह ही बचे हैं। कभी हड़ताल तो कभी गवाहों के नहीं आने से मामला खिंच रहा है। आसाराम ने कहा कि झूठे आरोप का बोझ सहन कर रहा हूं। गौरतलब है कि इससे पहले हाल ही में आसाराम ने खुद को GADHA बताया था। जैसे ही आसाराम पुलिस वैन से न्यायालय परिसर मे उतरा मीडियाकर्मी ने पूछा कि वे संतों की श्रेणी में है या कथा वाचकों की श्रेणी में। इस पर आसाराम ने जवाब दिया कि गधों की श्रेणी में आता हूं। नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीडऩ मामले में चार साल से न्यायिक हिरासत में रहते जेल व अदालतों के चक्कर काट रहे आसाराम को फिलहाल कहीं भी राहत दिखाई नहीं दे रही।
Published on:
10 Oct 2017 04:54 pm
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