जोधपुर

जोधपुर स्थापना दिवस विशेष : मेरे सपनों का शहर जोधपुर

जोधपुर स्थापना दिवस विशेष : मेरे सपनों का शहर जोधपुर

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May 12, 2018
mehrangarh fort
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विश्व के परिदृश्य में जोधपुर सूर्य की तरह चमक रहा है लेकिन गन्दगी के ग्रहण से पूरी तरह मुक्त हो जाना चाहिए। जालोरीगेट से फतेहपोल तक और आडा बाजार से घंटाघर तक पूरा क्षेत्र पोललेस होकर हेरिटेज पाथ बन जाए यही मेरा सपना है। सीवरेज और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम डवलप हो, मोनो रेल एवं टेक्नो फ्रेंडली जोधपुर बने यही मेरी ख्वाहिश है।

निखिल गुडग़ीला

जैसा हमारे पुरखों का जोधपुर शहर था वैसा ही वैभवशाली हमेशा बना रहे। जोधपुर को सूर्य से वायु से भरपूर ऊर्जा मिलती है । इस ऊर्जा का उपयोग कर जोधपुर पर्यटन और तकनीकी क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित होना चाहिए। चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स जैसा संस्थान जोधपुर में है। शिक्षा के क्षेत्र में भी जोधपुर एेसे आयाम प्रस्तुत करें ताकि विश्व को को हम गर्व से कह सके कि यह मेरा जोधपुर है।

संकेत प्रजापति

मेरे सपनों का जोधपुर शहर पूरी तरह प्रदूषण तथा अपराध मुक्त होना चाहिए। मेरे शहर में हर तबके समाज के लोगों को हर प्रकार की सुख सुविधाएं मिलनी चाहिए । अपणायत के शहर का वातावरण एेसा होना चाहिए कि मातृशक्ति सहित सभी लोग सुरक्षित महसूस कर सके । इस प्रकार के जोधपुर शहर की कल्पना तभी साकार होगी जब हम सब मिलकर कोशिश करेंगे तथा जिला प्रशासन के अधिकारी भी अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा व ईमानदारी से कर सके।

. रामनिवास एस

आधुनिक टेक्नोलॉजी जोधपुर में बहुत देर से आती है। यहां के निवासी अपनाते भी देर से है। जोधपुर के लोग टेक्नोलॉजी तुरन्त अपनाए और जोधपुर को समय के साथ चलने दे। जोधपुरवासियों का ट्रैफिक सेंस सुधर जाए तो जोधपुर आने वाले पर्यटक और मेहमान जोधपुर के बारे में अच्छी धारणा रख सकते है।

अजय शर्मा

बुजुर्गों के सपनों का शहर

जोधपुर से अपणायत का पल्ला छूटता जा रहा है। इसे सम्भाल कर रखने की जरूरत है। यह हमारे पुरखो की विरासत है। सभी लोगों में भाईचारा और अपणायत बना रहे। जोधपुर के एेतिहासिक भवन, तालाब, बावडि़यां, नहरें अपने मूल स्वरूप में बनी रहे यही मेरा सपना है।

- राधा देवी जोशी

जोधपुर की पहचान मनुहार से है। मनुहार परम्परा खत्म होने से जोधपुर अपनी पहचान खोता जा रहा है। संयुक्त परिवार और परिवारों में होने वाले साझे कार्यक्रम शहर में लगातार कम होते जा रहे हैं। कभी कभी तो लगता है कि जोधपुर निष्प्राण होता जा रहा है।
- शारदा देवी व्यास

जोधपुर अपणायत का शहर रहा है। हथाई यहाँ की शान रही है। अब वाट्स एप और फेस बुक के बढ़ते प्रचलन से हथाई की परम्परा पर भी खतरा मंडराने लगा है। मेरे सपनो का जोधपुर यहां के सभी घर नीले रंगो के हो। समूचे विश्व में ब्लू सिटी के नाम से विख्यात हो। वाट्स एप और फेस बुक की जगह हथाई की परम्परा चलती रही।

अशोक कुमार रांका

जोधपुर में ट्रैफिक समस्या पूरी तरह खत्म होकर शहर के हर कोने में सहज रूप से पहुंचने की सुविधा का मार्ग प्रशस्त हो यही मेरा सपना है। यहां आने वाले देशी विदेशी मेहमानों के साथ किसी भी तरह की ठगी को रोकने के प्रभावी इंतजाम होने चाहिए। शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शहर का हर नागरिक जागरूक हो।
राजेन्द्रसिंह गहलोत

Updated on:
11 May 2018 11:20 pm
Published on:
12 May 2018 05:00 am