जोधपुर के रातानाडा स्थित होटल सोनल पैलेस में रविवार सुबह भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट से भड़की आग में 6 सैलानी छत पर फंस गए, जिन्हें 10 दमकलों ने सुरक्षित बचाया। एक दमकलकर्मी घायल हुआ।
Jodhpur Hotel Fire: जोधपुर: राजस्थान की 'सूर्यनगरी' जोधपुर के रातानाडा इलाके में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पांच बत्ती चौराहे के पास स्थित मशहूर होटल सोनल पैलेस की पहली मंजिल पर भीषण आग लग गई।
इस घटना ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया, जिससे होटल में ठहरे पर्यटकों और स्टॉफ के बीच अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि समय रहते किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की वजह से 6 जिंदगियां सुरक्षित बचा ली गईं।
एयरपोर्ट थाना अधिकारी रामकृष्ण टाडा के अनुसार, रविवार सुबह करीब 9:00 बजे होटल के दो कमरों में आग भड़की। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धुआं इतना घना था कि होटल के गलियारों में कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। कमरों में फंसे 6 सैलानियों के लिए नीचे उतरने का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका था। जान बचाने की जद्दोजहद में ये सभी लोग होटल की छत पर भाग गए।
सूचना मिलते ही नगर निगम की 10 दमकलें और एयरपोर्ट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने साहस का परिचय देते हुए एक तरफ आग बुझानी शुरू की और दूसरी तरफ सीढ़ियों की मदद से छत पर फंसे सभी 6 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा।
शुरुआती जांच में आग लगने की मुख्य वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। फायर अधिकारी प्रशांत सिंह चौहान ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान एक जांबाज दमकलकर्मी अनियंत्रित होकर गिर गया और चोटिल हो गया।
उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनकी स्थिति अब स्थिर है। हालांकि, होटल की संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन प्रशासन ने राहत की सांस ली है कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
इस हादसे ने जोधपुर के व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी के दावों की पोल खोल दी है। जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि होटल में आग बुझाने के उपकरण तो लगे थे, लेकिन आपातकाल के समय वे महज 'शो-पीस' साबित हुए।
होटल में फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद थे, लेकिन उन्होंने काम नहीं किया। हम इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि क्या उपकरणों का रखरखाव सही था या नियमों की अनदेखी की जा रही थी।
-प्रशांत सिंह चौहान, फायर ऑफिसर