1 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Iran-Israel War: ईरान-इजराइल हमले से राजस्थान में क्यों बढ़ी धुकधुकी, सिर के ऊपर से निकल रही मिसाइलें

पत्रिका ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों से बातचीत की। कुवैत, दुबई और आबू धाबी जैसे शहरों में बसे प्रदेश के लाखों प्रवासी दहशत में हैं। हालिया प्रतिबंधों के कारण लोग फोन पर खुलकर बात करने से भी कतरा रहे हैं। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने प्रदेश के हजारों परिवारों की धड़कनें तेज कर दी हैं।

4 min read
Google source verification

जयपुर

image

Arvind Rao

Mar 01, 2026

Iran-Israel War Rajasthan Families Anxious as Iran-Israel Tensions Rattle Gulf Expatriates

पत्रिका ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों से बातचीत की (पत्रिका फोटो)

Iran-Israel War: खाड़ी देशों में धरती पर गिरती मिसाइलें और आसमान में मंडराते ड्रोन्स ने राजस्थान के जयपुर, शेखावाटी, वागड़ और मारवाड़ अंचल के हजारों परिवारों की दिलों की धड़कन बढ़ा दी है। ईरान-इजराइल और अमरीका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कुवैत, दुबई और आबूधाबी जैसे शहरों में रह रहे प्रदेश के लाखों प्रवासी दहशत में हैं।

अपनों की खैर-खबर जानने के लिए परिवारों की नजरें फोन पर हैं। कोई सिर के ऊपर से गुजर रही मिसाइलों की बात बता रहा है तो कोई खैर-खबर बता रहा है। प्रतिबंधों के चलते कई लोग फोन पर बात करने से भी बच रहे हैं।

नागौर: परिजन बोले- रियाद में सब सामान्य

रियाद में रहने वाले शहर के नकास गेट के शाकिर खान (परिवर्तित नाम) ने बताया कि अभी रियाद में हालात सामान्य है। कोई ऑफिशियली अलर्ट नहीं मिला है। वे अपने परिवार के साथ रियाद के मुख्य मार्केट में शॉपिंग के लिए आए हुए हैं।

सड़कों पर लोगों की रोजाना की तरह आवाजाही है। नागौर के एनआरआई रमेश सिंह (परिवर्तित नाम) ने बताया कि वह इन दिनों भारत में हैं। लेकिन उनका भाई मुकेश सिंह (परिवर्तित नाम) अभी शारजाह में होटल का काम देख रहा है।

बांसवाड़ा: दो हजार परिवारों में चिंता…कुवैत में ड्रोन हमले के बाद नमाज में बाधा

अमरीका-ईरान के बीच लड़ाई से बागड़ के प्रवासी परिवारों में चिंता बढ़ गई है। बांसवाड़ा के बोहरा समुदाय के दो हजार से ज्यादा लोग वहां रह रहे हैं तो कुछ वहां काम करके भी आए हैं। कुवैत में काम कर आ चुके बांसवाड़ा निवासी सलीम मंसूरी ने अपने दोस्त को फोन लगाकर उनसे हालात पूछे।

कुवैत में रहने वाले उनके दोस्त ने बताया कि मिसाइलें सिर के ऊपर से गुजरती दिख रही हैं। शाम छह बजे वहां एक ड्रोन हमला हुआ। इसके बाद वहां तरावीह की नमाज में बाधा आ गई।

लोगों को चेतावनी दी है कि इस घटना से संबंधित कोई फोटो और वीडियो नहीं बनाएं। वहां तीस नंबर रोड पर मिसाइल गिरी है। एयरपोर्ट को बंद कर दिया है। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उनका बेटा वहां रहता है। उसने बताया कि एम्बेसी और एयरपोर्ट पर हमला हुआ है।

बाड़मेरः सफर नहीं करने की एडवाइजरी

दुबई में रहने वाले मुकेश ने बताया की दुबई में केवल सफर नहीं करने की एडवाइजरी जारी की गई है। ऑपरेशन सिंदूर की तरह ड्रोन अटैक हुआ था, जिसे निष्क्रिय कर दिया गया।

सिरोहीः पत्नी व बच्चों के पास नहीं जा सका

सिरोही निवासी कतर में सात साल से रह रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कि शनिवार सुबह और शाम को दो हमले होने के बाद कतर में घरों के अंदर रहने का अलर्ट जारी हो गया। इंजीनियर कतर में दो बच्चे और पत्नी के साथ रह रहे हैं।

वो पिछले दिनों सिरोही आया था और शनिवार को ही कतर लौटने की फ्लाइट थी, जो कैंसिल हो गई। ऐसे में अब बच्चे और पत्नी के कतर में अकेले होने की चिंता शुरू हो गई।

झुंझुनूं: दुबई में एटीएम पर लगी भीड़

दुबई में अभी हालात ज्यादा तनाव पूर्ण नहीं हैं, लेकिन तनाव के हालात के बीच एटीएम पर पैसा निकालने वालों की भीड़ बढ़ गई है। नरहड़ निवासी शाहिद पठान बताया कि रिश्ते में उनके चाचा कुछ साल से दुबई में रह रहे हैं।

वो पिछले दिनों सिरोही आया था और शनिवार को ही कतर लौटने की फ्लाइट थी, जो कैसिंल हो गई। ऐसे में अब बच्चे और पत्नी के कतर में अकेले होने की चिंता शुरू हो गई है। परिवार और रिश्तेदार लगातार फोन से बात कर संपर्क कर रहे हैं।

उधर, एक अन्य प्रवासी ने बताया कि उनके यहां हालात काफी तनावपूर्ण हैं। मुकुंदगढ़ के वार्ड दो के एक युवक ने बताया कि वह दुबई के अल्कोज शहर में रहता है। यहां से दो सौ किलोमीटर दूर मिसाइल गिरने की सूचना आ रही है। मलसीसर निवासी रहीम खान (परिवर्तित नाम) दो महीने पूर्व ही दुबई गए हैं। उन्होंने बताया कि वहां सभी काम बंद हैं। हम सब घरों में बैठे हुए हैं।

सीकर: शेखावाटी में बेचैनी

आबूधाबी व दुबई में रहने वाले प्रवासियों के परिजन में चिंता का माहौल है। इधर जंग की शुरुआत होते ही ईरान ने दुबई के पास अमरीकी एयरबेस का निशाना बना डाला। इसके बाद सरकार ने पूरा इलाका खाली करवा लिया और सारे कार्यालय व प्रतिष्ठान बंद करवा दिए गए।

सीकर के मोहल्ला रोशन गंज निवासी रजा खान (परिवर्तित नाम) दुबई से पांच किलोमीटर दूर रहते हैं। उन्होंने बताया कि सभी कार्मिकों व स्थानीय लोगों को घरों में रहने को कहा गया है।